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लक्ष्मी के लिए मोरी लक्ष्मी का मारै वाले राक्षस

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बांदा। अबे 10 रोज पहले बीमारी से पति मरो है, अब मोरी गुड़िया सी बिटिया का मार डारेन, लक्ष्मी के लिए मोरी लक्ष्मी का मारै वाले राक्षस हैं, जेल में सड़िहैं। पांच साल की बेटी आरती की हत्या पर बिलखती मां माया वर्मा के मुंह से यही बातें निकलती रहीं। परिवार की महिलाएं उसे ढांढस बंधाती रही।
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माया ने बताया कि उसके पति चुन्नू वर्मा की 10 दिन पूर्व बीमारी के चलते मृत्यु हो गई। तीन बाद शुक्रवार को तेरहवीं थी। वह और परिवार के अन्य सभी सदस्य तेरहवीं संस्कार की तैयारी कर रहे थे। इसी बीच सोमवार को उसकी बेटी आरती को अगवा करने के बाद उसकी हत्या कर दी गई। शव घर से चंद कदम दूर रह रहे पड़ोसी के घर के नजदीक नाली में मिला। बेटी की मौत से माया बेसुध है। अब उसके दो वर्षीय बेटी गुनगुन बची है। वह गर्भवती भी है। परिजनों ने बताया कि माया मजदूरी करके पति की बीमारी का इलाज और बच्चों का पालन-पोषण कर रही थी। जेठानी सुनीता ने बताया कि आरती के खो जाने पर मोहल्ले में स्थित मस्जिद से एनाउंस कराया, लेकिन हत्यारे नहीं पसीजे।
पुलिस जांच का हवाला देते हुए उसने और मोहल्ले के लोगों ने बताया कि घर के बाहर खेलते समय हत्यारोपी की पुत्री खेलने के बहाने आरती को फुसलाकर अपने घर ले गई थी। दोपहर का समय होने से लोग घरों में थे। इसलिए कोई उसे ले जाते देख नहीं सका। उधर, मासूम की गला रेतकर हत्या की घटना के खुलासे में डॉग दानिश ने अहम भूमिका निभाई। बताया जा रहा कि नाली में आरती का शव मिलने पर पुलिस ने उसके हाथ का ब्रॉसलेट कुत्ते को सुंघाया था। इसके बाद कुत्ता सीधे उसी घर पहुंचा जहां आरती का कत्ल किया गया था। पुलिस द्वारा आरोपी के घर के दरवाजे खुलवाते ही कुत्ता उसी कमरे में जाकर भौंकने लगा जहां आरती का गला रेता गया था। इसी के बाद पुलिस ने घर की बारीकी से छानबीन शुरू कर दी। तभी पुलिस के हाथ धारदार हथियार, लेंटर से खून से सनी साड़ी आदि मिली। फोरेंसिक टीम ने भी नमूने लिए।
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पुलिस लगातार बच्ची के लिए एनाउंस करती रही
बांदा। जिनके पास बिटिया हो वो तुरंत पुलिस को दे जाए, वरना पकड़े जाने पर छोड़ा नहीं जाएगा। मोहल्ले वालों ने बताया कि पुलिस मोहल्ले में घूम-घूमकर एनाउंस करती रही। आरोपी के घर के सामने से भी पुलिस दो-तीन बार निकली। मोहल्लेवासियों ने बताया कि पुलिस एनाउंस करने के साथ घर-घर तलाशी भी ली, लेकिन सब बेअसर रहा। जिस जगह से पुलिस कई बार गुजरी, तब उसे वहां शव नहीं दिखा। पुलिस की खोजबीन चल रही थी कि तभी बिजली गुल हो गई। अंधेरे का फायदा उठाकर आरोपियों ने शव को नाली में फेंक दिया। इसके बाद पुलिस को घटना की जानकारी हो सकी। एएसपी ने स्वीकारा कि पुलिस के दबाव के चलते आरोपी शव ठिकाने नहीं लगा सके। नतीजे में अपने घर के बाहर फेंक दिया। (संवाद)
नाली में बहा खून, पड़ोसी समझे जानवर काटा
बांदा। मोहल्ले वालों ने बताया कि हत्या के आरोप में पुलिस ने जिसे हिरासत में ले रखा, उसने शाम को घर के बाहर दोस्तों के साथ शराब पी थी। दोस्तों के जाने के बाद उसने तेज आवाज में टीवी बजाने लगा। आशंका जताई कि यह सब बालिका की चीख दबाने के लिए किया गया था। बताया कि नापदान में लाल रंग का पानी आ रहा था। उन्हें कुछ शक हुआ, लेकिन आरोपी के मांसाहारी होने से अक्सर जानवर काटता रहता था। खुली नाली में खून बहने पर पड़ोसी ने नाराजगी जताई, लेकिन उसने दरवाजे नहीं खोले थे। (संवाद)
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