बैठक में बोलते हाजी गुलाम मुस्तफा।
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बांदा। बारह रबी अव्वल (ईद मीलाद) आयोजन की केंद्रीय समिति की बैठक में जुलूसे मोहम्मदी के बारे में कई फैसले लिए गए। आपसी सद्भाव और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने को कहा गया।सोमवार की रात खानकाह इंटर कालेज सभागार में बैठक में सचिव हाजी गुलाम मुस्तफा ने कहा कि जुलूस का मकसद पूरी तरह धार्मिक होना चाहिए। कोई भी ऐसी बात नहीं होनी चाहिए जिससे किसी तरह की गड़बड़ी या माहौल बिगड़े। बताया कि बारह रबिअव्वल 12 या 13 दिसंबर को मनाई जाएगी।
इस दिन दोपहर सवा 12 बजे पूर्व निर्धारित स्थल कालवनगंज शेख सरवर साहब की मस्जिद के सामने से रवाना होगा। जुलूस में आतिशबाजी पर रोक रहेगी। किसी भी धार्मिक स्थल के सामने जुलूस नहीं रुकेगा। न ही नारे लगेंगे। सिर्फ नात पढ़ी जाएगी। झंडों के जत्थों के बीच दूरी (गैप) न रखें। असामजिक तत्व को जुलूस में शामिल नहीं किया जाएगा। जुलूस अपने पूर्व निर्धारित रास्तों से ही गुजरेगा। हमेशा की तरह सजावट एक दिन पूर्व होगी। बैठक में सैय्यद मेराज मसूदी (अकील मियां), हाजी मोहम्मद फारूक, अय्यूब खां, हमीद खां, मोहम्मद अजीज उर्फ अज्जन, बाबू, हाजी जाहिद अली, अजीजुस्समद, शाहिद निजामी, हाफिज साबिर, वहीद नेता, वाजिद अली, अंसार अहमद, लल्लू खां, मुईन अहमद, शाहरुख राईन आदि शामिल रहे।