फोटो- 19 राजकीय नर्सरी में पड़ा शीशम का कटा पेड़। संवाद
- फोटो : जलेसर चौराहा के पास एक होटल में संचालित बार की चेकिंग करते सीओ सिटी, उत्तर थाना इंस्पेक्टर और उनकी टीम। स्रोतः पुलिस
बांदा। उद्यान विभाग ने बेशकीमती लकड़ी की बिक्री में बड़ा खेल किया। 50 लाख के सूखे पेड़ को बिना नीलामी के ही 15 हजार में बेच दिए। साथ ही निदेशालय को भी गुमराह किया गया। मुख्यालय को लकड़ी की कीमत 10 से 15 हजार बताकर बिक्री की अनुमति ले ली।
उद्यान विभाग की नवाब टैंक स्थित राजकीय नर्सरी में शीशम, सागौन, आंवला जैसे 35 बेशकीमती पेड़ सूख गए थे। जिनकी बाजारू कीमत लगभग 50 लाख रुपये थी। विभाग ने निदेशालय को अंधेरे में रखते हुए पेड़ों की कीमत 10 से 15 हजार बताते हुए अनुमति के लिए पत्र लिखा। निदेशालय ने पेड़ों की कीमत कम होने पर अनुमति दे दी। वजह कि 10 से 15 हजार की कीमत के पेड़ों को बिना नीलामी के ही बेचा जा सकता है लेकिन इससे अधिक के पेड़ों की बकायदा बिक्री के लिए टेंडर और नीलामी होगी। विभाग ने दो लकड़ी व्यापारियों से सांठ गांठ कर 50 लाख की लकड़ी 15 हजार में बेच दी।
नर्सरी के कर्मचारियों का कहना है कि सूखे पेड़ों की करीब तीन ट्रक लकड़ी थी। जिसकी कीमत 50 लाख से भी अधिक थी। एक पेड़ शीशम व सागौन का 10 लाख में जाता है। जिला उद्यान अधिकारी केशवराम का कहना है कि लकड़ी की बिक्री नियमों के तहत की गई है। उप निदेशक उद्यान विनय कुमार यादव का कहना है कि मामले की जांच कराई जाएगी।