राज्य सूचना आयोग ने निर्धारित समय में आरटीआई की तहत जनसूचना न दिए जाने पर जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी पर 25 हजार रुपये जुर्माना किया है। यह उनके वेतन से तीन समान किश्तों में काटा जाएगा।
महुआ ब्लाक के शेखन पुरवा निवासी खलील अहमद ने वर्ष 2010 में तत्कालीन जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी संजय मिश्रा से पांच बिंदुओं पर जनसूचना सशपथ मांगी थी। लेकिन उन्होंने निर्धारित अवधि में जानकारी नहीं दी। खलील अहमद ने जिला जन सूचना अधिकारी से लेकर राज्य सूचना आयुक्त तक अपील की।
वर्ष 2010 में ही उनका यहां से गैर जनपद तबादला हो गया। पिछले साल अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री आजम खां ने उन्हें सस्पेंड कर दिया था। तब से वह गुजारा भत्ता में काम चला रहे हैं। यहां राज्य सूचना आयोग से कई बार आयोग में तलब किया गया। लेकिन वह नहीं पहुंचे।
23 मार्च को राज्य सूचना आयुक्त ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी से 25 हजार रुपये अर्थदंड वसूलने का आदेश दिया। अपर जिलाधिकारी ने सीडीओ व मुख्य कोषाधिकारी को भेजे पत्र में कहा है कि यह जुर्माना उनके वेतन से समान 3 किश्तों में काटा जाए।
यह धनराशि जन सूचना अधिकार अधिनियम के मद में जमा होगी। उधर, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी आरडी यादव ने बताया कि इस समय तत्कालीन अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी संजय मिश्रा सस्पेंड चल रहे हैं। जब वह बहाल होंगे तब उनके वेतन से यह कटौती की जाएगी।