Migrant adolescent workers burnt alive by high-tension line
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अतर्रा। शौचालय निर्माण में लगे किशोर उम्र प्रवासी श्रमिक की हाईटेंशन लाइन के संपर्क में आने से झुलस कर मौत हो गई। देर तक पुलिस नहीं पहुंची। इससे आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने सड़क पर शव रखकर जाम लगा दिया। वह मुआवजे की भी मांग कर रहे थे। लगभग दो घंटे सड़क पर यातायात ठप रहा।
घटना महोतरा गांव के रामआासरे का पुरवा की है। गुरुवार की रात करीब 11 बजे रामबरन यादव के यहां बन रहे सरकारी शौचालय के पास सीढ़ी लगाकर पेड़ की डाल काटते समय प्रवासी मजदूर चुन्नू उर्फ लवकेश (17) पुत्र बदलवा नजदीक से गुजरी बिसंडा फीडर 11 हजार वोल्टेज की हाईटेंशन लाइन के संपर्क में आ गया। करंट से पूरा शरीर झुलस गया। उसकी वहीं मौत हो गई। अन्य मजदूर घबराकर भाग निकले।
रात भर उसका शव वहीं पड़ा रहा। शुक्रवार को सुबह परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। उन्होंने शव को उठाकर बिसंडा-अतर्रा राजमार्ग में रखा और जाम लगा दिया। मुख्य मांग मुआवजा की थी। लगभग दो घंटे तक चले जाम में दोनों ओर वाहनों की लंबी लाइन लग गई। एंबुलेंस भी फंस गई।
अतर्रा थाने से इंस्पेक्टर रविंद्र तिवारी मौके पर पहुंचे और जाम हटाने का प्रयास किया। आक्रोशित परिजनों व पुलिस के बीच कई बार नोकझोेंक हुई। बाद में नायब तहसीलदार कमलेश कुमार ने एसडीएम को सूचना देकर आर्थिक मदद किए जाने और ढीले बिजली के तारों को हटवाने का आश्वासन दिया। इसी के बाद बमुशिकल परिजनों ने जाम खत्म किया।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा दिया। मौके पर कोई भी विद्युत कर्मचारी नहीं पहुंचा। एसडीएम जेपी यादव ने विद्युत विभाग से जवाब मांगा है। मृतक चुन्नू उर्फ लवलेश सूरत में रहकर मजदूरी करता था। लॉकडाउन में अप्रैल माह में घर आया हुआ था। उधर, मृतक की मां राजाबाई ने बेटे की मौत के लिए बिजली विभाग को जिम्मेदार बताया। कहा कि लाइन के नीचे स्थित मकानों की सुरक्षा के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई।