सर्दीली हवाओं के चलते शुक्रवार को तापमान में 2 से 3 डिग्री की और गिरावट आई। दोपहर बाद निकली हल्की धूप राहत नहीं दे सकी। गलन भरी हवाओं से जन जीवन बेहाल रहा और विजिबिल्टी घटने के साथ आर्द्रता भी बढ़ी।
जबरदस्त गलन और शीत लहर से जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। मौसम जानकारों का कहना है कि पहाड़ों में हो रही भारी बर्फवारी और पश्चिमी विक्षोभ व चक्रवाती ठंडी हवाओं से यह स्थितियां बनी हुई हैं। पक्षी और पशु भी ठंड से बुरी तरह परेशान हैं। इनकी भी दिनचर्या ठंड में थम सी गई है।
पक्षी उड़ने और पशु चहल कदमी के बजाए ज्यादातर दुबक कर बैठे हुए हैं। केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक शुक्रवार को अधिकतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस (सामान्य से 2 डिग्री कम) और न्यूनतम तापमान दो डिग्री घटकर 7 डिग्री सेल्सियस हो गया है।
इसके अभी और नीचे जाने की संभावना है। कोहरे की वजह से विजिबिल्टी घटकर 30 से 40 मीटर के बीच रही। आर्द्रता 60 से 80 फीसदी रही।
फसलों के उत्पादन का टूटेगा रिकार्ड
बांदा। र्कई सालों से दैवीय आपदा से कराह रहे किसानों को मौसम ने इस वर्ष खुश कर दिया है। बड़ोखर खुर्द के प्रगतिशील किसान प्रेम सिंह का कहना है कि इस साल फसलों के उत्पादन में वर्ष 1997 का रिकार्ड टूटेगा। सटीक समय पर बारिश हो रही है और ठंड भी फसलों के अनुकूल है। दलहनी और तिलहनी फसलों के लिए ऐसा मौसम संजीवनी जैसा है।