बांदा। चित्रकूटधाम मंडल में पिछले 48 घंटों के अंदर मौसम में आए जबरदस्त बदलाव के बाद तापमान में 10 डिग्री की रिकार्ड कमी आ गई।
अचानक
बढ़ी ठंड से जनजीवन थर्रा उठा। हालांकि फसलों के लिए इस मौसम को मुफीद
माना जा रहा है। अधिकतम पारा 17 रिकार्ड किया गया। यह सामान्य से छह डिग्री
सेल्सियस कम था।
ठंड का मौसम आधा बीत गया। दो दिनों पहले तक
लोगाें को हाड़कपाऊ ठंड का एक भी दिन एहसास नहीं हुआ। लेकिन शनिवार से मौसम
ने करवट लेनी शुरू कर दी।
बादल, बूंदाबांदी और कोहरा कहर ढाने
लगा। रविवार को बर्फीली हवाओें की सर्दी ने और सितम ढाया। दिन में निकली
हल्की धूप ठंड को मात नहीं दे पाई।
उधर, केंद्रीय जल आयोग के
मुताबिक रविवार को अधिकतम तापमान 17 और न्यूनतम छह डिग्री सेल्सियस रहा।
जबकि 48 घंटे पूर्व पारा अधिकतम 26 और न्यूनतम 12 डिग्री था।
कृषि
विश्वविद्यालय में मौसम विभाग के डॉ. अनंत चतुर्वेदी ने बताया कि कई
प्रदेशों में हो रही बर्फबारी का असर मैदानी क्षेत्रों में भी पड़ा है।
अगले दो-चार दिनों में बारिश की भी संभावना जताई।
बदले मौसम से
हाड़ भले ही कांप रही हो लेकिन गेहूं, सरसों व चने की फसल के लिए इसे
फायदेमंद बताया जा रहा है। खेतों की नमी बढ़ने से फसल में बढ़ोत्तरी होगी।
उधर,
कृषि विभाग के मुताबिक इस वर्ष 1,56,736 हेक्टेयर में चना, मसूर, गेहूं,
सरसों बोई गई हैं। इसमेें 1,04,120 हेक्टेयर में सिर्फ गेहूं की बुआई हुई
है।
जिला कृषि अधिकारी बालगोविंद यादव ने बताया कि मौसम में यह
बदलाव गेहूं के लिए फायदेमंद है। अधिक तापमान से फसलों की बढ़वार रुक गई
थी।
कृषि वैज्ञानिक डॉ. मुलायम सिंह परिहार ने बताया कि कोहरा व
कड़ाके की ठंड फसलों के लिए संजीवनी है। फसलों के अच्छे उत्पादन के लिए 15
फरवरी तक ऐसे ही मौसम की दरकार है।