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एजेंडे पर भड़के सदस्य, पालिका बैठक में हंगामा

Thu, 09 Apr 2015 12:41 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
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गुपचुप एजेंडे और सदस्यों की उपेक्षा पर नगर पालिका परिषद बोर्ड की बैठक में हंगामा हो गया। सदस्यों ने बगावत करते हुए बैठक के दौरान शोर शराबा किया और नारे लगाए। धरना देकर जमीन पर बैठ गए। उधर, अध्यक्ष ने कहा कि इक्का-दुक्का लोगों के विरोध से कुछ खास फर्क नहीं पड़ा। बैठक में कई प्रस्ताव पास कर लिए गए हैं।
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बुधवार को नगर पालिका परिषद सभागार में बोर्ड की बैठक हुई। इसमें हंगामा और विरोध करने वाले अबकी ज्यादातर वही सदस्य थे जो अध्यक्ष गुट के माने जाते थे। बैठक शुरू होते ही एक दर्जन से ज्यादा सदस्यों ने आरोप लगाया कि एजेंडे में आय-व्यय का माहवार ब्योरा नहीं दिया गया।

तीन साल बीतने के बाद भी आज तक समितियां गठित नहीं की गईं। वाहन खरीददारी का ब्योरा भी सदस्यों को नहीं दिया गया। सोलर लाइट, एलईडी का ब्योरा भी सदस्यों से दूर रखा गया है। सदस्यों ने बैठक का एजेंडा भी देरी से मिलने का आरोप लगाया और बैठक स्थगित करने की मांग की।
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अध्यक्ष के यह स्वीकार न किए जाने पर कई सदस्य सीटों से उठकर वेल में आ गए और नारे लगाते हुए धरना शुरू कर दिया। अध्यक्ष विनोद जैन बैठक से उठकर चली गईं। बागी सदस्य राम प्रसाद सोनी, लल्लू खां, गुड़िया देवी, सुमन कोटार्य, दुलारी, मधु त्रिपाठी, मोहनी देवी राजपूत, जितेंद्र कुमार मिश्रा, राम प्रताप राजपूत, पार्वती गुप्ता, सुधीर कुमार, संजीव निगम, श्याम मोहन धुरिया इत्यादि ने सामूहिक हस्ताक्षरों से उपरोक्त मांगों का ज्ञापन अध्यक्ष कार्यालय में दिया।

उधर, अध्यक्ष विनोद जैन का कहना था कि बैठक में एजेंडे पर ही चर्चा हुई। ई-रिक्शा व आटो में शुल्क लगाने पर विचार तो हुआ, पर तय नहीं हुआ। अध्यक्ष के मुताबिक सभी प्रस्ताव स्वीकृत किए गए हैं। इक्का-दुक्का के अलावा किसी ने विरोध नहीं किया। अध्यक्ष ने यह भी कहा कि उनके जाने के बाद सदस्यों ने हंगामा किया होगा।

नगर पालिका ईओ वीरेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने बैठक के बारे में जारी विज्ञप्ति में कहा है कि बोर्ड बैठक में तीन प्रमुख प्रस्ताव पारित हुए हैं। राज्य वित्त आयोग से सभी वार्डों, मुक्तिधामों, कब्रिस्तानों के विकास के लिए स्वीकृति दी गई है। ई-रिक्शा और आटो पर शुल्क तथा पार्किंग ठेके को स्वीकृति दी गई है।

अन्य प्रस्ताव भी अध्यक्ष की अनुमति से पास हुए हैं। ईओ ने बताया कि कुछ सदस्यों ने प्रधान लिपिक से मिनिट बुक छीनने और फाड़ने की कोशिश की। पुलिस ने हस्तक्षेप करते हुए लिपिक को सभागार से बाहर निकाला। इसी बीच अध्यक्ष ने मीटिंग खत्म कर दी और बाहर निकल गईं।
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