बांदा में नवनिर्मित राजकीय मेडिकल कालेज।
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बांदा। चित्रकूटधाम मंडल के इकलौते और नवनिर्मित राजकीय मेडिकल कालेज में एमबीबीएस कक्षाएं शुरू होने के ऐन मौके पर रोड़ा अटक गया। नीट यूपी 2016 में सफल मेडिकल छात्रों की प्रथम चक्र की काउंसलिंग में 85 छात्र-छात्राओं को बांदा मेडिकल कालेज आवंटित किया गया था। दाखिले की प्रक्रिया पूरी हो गई थी। सोमवार (19 सितंबर) को कक्षाएं शुरू होनी थी लेकिन ऐन मौके पर काउंसलिंग निरस्त करने का आदेश आ गया।
तीन से आठ सितंबर तक नीट 2016 की प्रथम चक्र की काउंसलिंग हुई थी इसमें बांदा समेत प्रदेश के सभी एक दर्जन राजकीय मेडिकल कालेजों के लिए रैंक के आधार पर छात्र-छात्राओं को मेडिकल कालेज का आवंटन कर दिया गया था। बांदा मेडिकल कालेज में एमबीबीएस की 100 सीटें हैं। इसमें 15 सीटें आल इंडिया कोटे में चयनित छात्र-छात्राओं से भर गई हैं। शेष 85 सीटों के लिए इसी माह प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण महानिदेशक वीएन त्रिपाठी ने काउंसलिंग में सफल छात्र-छात्राआें को उनके रैंक के आधार पर बांदा मेडिकल कालेज के लिए चयनित कर दिया था। इन छात्र-छात्राओं ने फीस आदि जमा कर दाखिले की प्रक्रिया पूरी कर ली थी। 19 सितंबर से कक्षाएं शुरू होनी थी।
कक्षा शुरू होने एक दिन पूर्व ही महानिदेशक ने काउंसलिंग निरस्त करने का आदेश भेज दिया है। इसकी पुष्टि करते हुए प्रधानाचार्य डॉ. एसके आर्य ने बताया कि सभी 85 छात्र-छात्राओं को प्रवेश दे दिया गया था। सोमवार से कक्षाएं शुरू होनी थी लेकिन अब काउंसलिंग निरस्त होने से कक्षाएं नहीं चालू हाेंगी। दाखिले निरस्त कर दिए गए हैं। शासन और महानिदेशालय आगे जो भी आदेश देगा उसी के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी। उधर, काउंसलिंग स्थगित होने की वजह यह बताई जा रही है कि प्रदेश के राजकीय मेडिकल कालेजों में सीटें खाली होने के बावजूद प्राइवेट मेडिकल कालेज छात्र-छात्राओं को आवंटित कर दिए गए थे। यह मामला हाईकोर्ट पहुंच गया था। हाईकोर्ट के आदेश पर ही काउंसलिंग स्थगित कर दी गई।