बांदा। मेडिकल कालेज को मेडिकल कौंसिल आफ इंडिया (एमसीआई) की मान्यता की कवायदें जारी हैं। एमसीआई टीम का दोबारा दौरा होने वाला है।
इसके
मद्देनजर मेडिकल कालेज की वे खामियां दूर कर ली गई हैं, जिन पर पिछली बार
टीम ने आपत्ति जताई थी। मेडिकल कालेज में एक साथ चार एक्सरे मशीनें चालू हो
गई हैं। बृहस्पतिवार से अल्ट्रासाउंड सेवा भी शुरू हो जाएगी।
करीब
दो माह पूर्व 4 जनवरी को दिल्ली से आई एमसीआई की टीम ने मेडिकल कालेज का
निरीक्षण किया था। तमाम तैयारियों के बावजूद टीम ने 20 खामियां पकड़ी थीं।
मेडिकल
कालेज प्रशासन ने इनमें से अधिकांश को दुरुस्त कर दिया है। हालांकि पिछले
दौरे के दौरान जिन डाक्टरों को रातोंरात यहां तैनात किया गया था, वे टीम के
जाते ही नदारद हो गए।
टीम ने आईपीडी में मरीजों की संख्या 50
फीसदी बताई थी। फर्नीचर की कमी, इंडोर-आउटडोर मेें महिला-पुरुष के अलग-अलग
काउंटर, इंटर फार्म आदि की खामियां गिनाई थीं। कैंसर, महिला रोग, बहरापन
आदि के विशेषज्ञ भी न होने की कमी दर्शाई थी।
दो महीनों में मेडिकल
कालेज प्रशासन ने इन खामियों को काफी हद तक दुरुस्त कर लिया है। अब एमसीआई
टीम फिर निरीक्षण करने वाली है। टीम की मंशा के मुताबिक सब कुछ चुस्त और
दुरुस्त रखने के लिए मेडिकल कालेज प्रशासन जुटा है।
चार एक्सरे
मशीनें चालू हो गई हैं। इनमें दो बड़ी और दो मोबाइल मशीनें हैं। रोजाना 50
से ज्यादा मरीजों के एक्सरे हो रहे हैं। बृहस्पतिवार (3 मार्च) को
अल्ट्रासाउंड मशीन भी चालू हो जाएंगी।
फिलहाल दो अल्ट्रासाउंड मशीनें आई हैं। गर्भवती महिलाओं का अल्ट्रासाउंड नहीं होगा। इसके लिए डीएम की अनुमति लेना बाकी है।
ब्लड बैंक में अभी देर, अन्य खामियां पूरी
बांदा।
मेडिकल कालेज प्रधानाचार्य डॉ. सुनील कुमार आर्य ने बताया कि एमसीआई
द्वारा बताई गई कमियों को दूर कर लिया गया है। ब्लड बैंक में फिलहाल समय
लगेगा। इससे एमसीआई को अवगत करा दिया गया है।
बताया कि इसी माह
एमसीआई टीम के आने की संभावना है। बताया कि रोजाना ओपीडी में 6-7 सौ मरीज
और आईपीडी 30-35 मरीज आ रहे हैं। 300 बेड का अस्पताल तैयार है। एमसीआई टीम
के निरीक्षण के बाद मान्यता मिलते ही सत्र 2016-17 में एमबीबीएस कक्षाएं
शुरू हो जाएंगी।
कालेज में 35 जांचें शुरू
बांदा। मेडिकल कालेज
में अब कई गंभीर रोगों की भी जांच शुरू हो गई हैं। लगभग 35 प्रकार की जांच
की जा रही है। इनमें एचआईवी और किडनी की जांच सहित कैंसर की जांच के लिए
बायस्पी भी शुरू हो गई। कैंसर विभाग अलग कर दिया गया है।