बांदा। भारत रत्न से सम्मानित और देश के पहले शिक्षामंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद की जयंती पर कांग्रेस ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। कहा कि उनकी काबलियत की बदौलत ही नेहरू जी ने शिक्षा मंत्रालय सौंपा था।
जिला कांग्रेस कार्यालय में मौलाना के चित्र पर फूल चढ़ाने के बाद अध्यक्ष अखिलेश शुक्ल ने उन्हें हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू, अरबी, फारसी, बंगला समेत कई भाषाओं का विद्वान बताया। जहांगीर खां, शोएब रिजवी, राममिलन सिंह पटेल, शिवबली सिंह, रफत खां गोगा, प्रशांत समुद्रे, पदमपाणि अवस्थी, राजकुमार गर्ग, शब्बीर सौदागर इत्यादि शामिल रहे।
उधर, शहर कांग्रेस कमेटी ने अलीगंज स्थित कार्यालय में मौलाना आजाद की जयंती मनाई। महासचिव रफत खां ने बताया कि मौलाना की पैदाइश 11 नवंबर 1888 को हुई थी। वह गांधी के साथ जंग-ए-आजादी में शरीक रहे। 1940 में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी बने। जयंती मनाने के मौके पर यहां राजकुमार गर्ग, रमेश सिंह खेंगर, अशोक चौहान, सीमा खान, अल्लारक्खू, शाकिर मंसूरी, नत्थूलाल सेन व छेदीलाल धुरिया इत्यादि उपस्थित रहे।