फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मंदी से उबरेगा माटी कला और दोना पत्तल व्यवसाय

विज्ञापन
Mati art and both flat business will recover from recession - फोटो : BANDA
विज्ञापन
बांदा। माटी कला से जुड़े कुम्हारों और दोने पत्तल बनाने वालों का कारोबार और रोजगार में मंदी की मार से उबरने के आसार हैं। प्लास्टिक और थर्माकोल के बर्तनों की जगह दोने पत्तल और मिट्टी के कुल्हड़ सभी सरकारी बैठकों में इस्तेमाल के प्रशासनिक निर्णय से यह आसार बने हैं। डीएम ने दोनों व्यवसाय से जुड़े लोगों को प्रोत्साहित करने के निर्देश राजस्व विभाग के अधिकारियों को दिए हैं।
विज्ञापन

सरकारी बैठकों में अब नाश्ते के लिए दोना पत्तल और पानी चाय के लिए मिट्टी का कुल्हड़ अनिवार्य किया गया है। डीएम हीरालाल सार्वजनिक कार्यक्रमों और शादी ब्याहों में भी यही अपनाने की मुहिम छेड़े हैं। इसी श्रंखला में रविवार को कलक्ट्रेट सभागार में पूरे जिले के माटी कला और दोना पत्तल व्यवसाय से जुड़े लगभग चार सौ लोगों के साथ बैठक की। तहसीलदारों को निर्देश दिए कि लेखपालों के माध्यम से कुम्हारों और दोना पत्तल वालों के संपर्क में रहें।
माटी कला के लिए मिट्टी की उपलब्धता कराएं। एसडीएम को निर्देश दिया कि हर माह माटी कला और दोना पत्तल व्यवसाय से जुड़े लोगों के साथ बैठक कर उनकी समस्या का समाधान करें। बैठक का संचालन कर रहे सदर तहसीलदार अवधेश कुमार ने कहा कि प्लास्टिक मुक्त भारत तभी बनेगा जब कपड़े का झोला, दोना पत्तल और मिट्टी के बर्तन को बढ़ावा मिलेगा। बैठक में एसडीएम सुरजीत सिंह (बांदा), सौरभ शुक्ला (अतर्रा) और रामकुमार (पैलानी) भी मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें