गुरु पंडित रामशरण व्यास से आशीर्वाद लेते शिष्य श्रद्धालु।
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बांदा। गुरु पूर्णिमा पर गुरु और शिष्य के रिश्ते तरोताजा हो गए। भूले बिसरे गुरु-शिष्य भी एक-दूसरे से रूबरू हुए। शिष्यों ने गुरुओं को सम्मान दिया और गुरुओं ने शिष्यों को आशीर्वाद। महर्षि बामदेव से लेकर बाल्मीकि और व्यास तक याद किए गए। मंगलवार को गुरु पूर्णिमा दिवस श्रद्धा और परंपरा से मनाया गया। गुरुओं को उनके आश्रमों में आकर शिष्यों ने सम्मानित किया। उनके पैर छुए और फल व अन्य तोहफे दिए। कुछ शिष्यों ने तो गुरु के पैरोें पर सिर रख दिया। कई ने माथा टेका। इनमेें महिला, पुरुष और बच्चे, वृद्ध सभी शामिल थे। डीएम कालोनी में गुरु पंडित रामशरण व्यास के आश्रम में महिला-पुरुष शिष्यों का जमघट रहा। भारत स्वाभिमान न्यास और पतंजलि योग समिति ने संयुक्त रूप से महोखर गांव स्थित सती मंदिर में आयोजन किया। मंडलायुक्त एल वेंकटेश्वर लू भी शरीक हुए। सुबह योग, हवन, गुरु पूजा, वंदना और बौद्धिक कार्यक्रम हुए। अध्यक्षता डॉ.बीडी प्रजापति ने की। अशोक शुक्ला, बीके सिंह, रेखा सिंह, पार्वती, रमाशंकर यादव, चुनूबाद, यशवंत, सजल रेंडर, जितेंद्र, जगपाल सिंह, धीरेंद्र सिंह, भारत तिवारी, कवि जलज आदि उपस्थित रहे। पौध रोपण भी किया गया।