बांदा। नवनिर्वाचित ग्राम पंचायतों की शुक्रवार को
पहली बैठक में ही कई ग्राम पंचायतों में हंगामें हुए। कहीं बहिष्कार हुआ तो
कहीं कोरम पूरा न होने से बैठकें टल गईं।
महुआ क्षेत्र के कबौली
गांव में पुलिस की मौजूदगी में लाठी-डंडों से लैस लोगों ने बैठक नहीं होने
दी। अधिकांश गांवों में बैठकें हुईं और छह उप समितियां गठित की गईं।
समितियों के गठन को लेकर भी विवाद और विरोध के हालात रहे।
प्रदेश
सरकार ने 26 दिसंबर को सभी ग्राम पंचायतों में नवनिर्वाचित ग्राम पंचायतों
की पहली बैठक के आदेश दिए थे। कहा था कि प्रधान और सचिव सदस्यों व
ग्रामीणों के साथ बैठकर गांव के विकास का खाका तैयार करेंगे और नियोजन एवं
विकास समिति, प्रशासनिक समिति, शिक्षा समिति सहित छह समितियों का गठन
करेंगे।
शनिवार को सुबह से ही गांवों मेें इन बैठकों की सरगर्मी
रही। कहीं ग्राम पंचायत भवन तो कहीं स्कूल भवन या ब्लाक कार्यालय परिसर में
बैठकें हुईं।
नरैनी प्रतिनिधि के मुताबिक महुआ ब्लाक के कबौली और
कल्हरा गांवो मेें हंगामें और विरोध के चलते बैठकें नहीं हो पाईं। कबौली
में पुलिस की मौजूदगी में लाठी, डंडों से लैस लोगों ने बैठक नहीं होने दी।
नवनिर्वाचित
महिला प्रधान अख्तरी और ग्राम पंचायत अधिकारी राणा सुबह 10 बजे प्राथमिक
विद्यालय भवन पहुंचे। इसी बीच लाठी-डंडों से लैस दर्जनों लोग स्कूल के बाहर
आ डटे और धमकी दी कि जो भी सदस्य बैठक में आएगा उसे बख्शा नहीं जाएगा।
मौजूद
दरोगा और सिपाही ने उन्हें समझाने की कोशिश की। लेकिन वह नहीं माने। ग्राम
पंचायत अधिकारी राणा ने फोन पर उच्चाधिकारियों को अवगत कराने के बाद बैठक
स्थगित कर दी। इसी तरह कल्हरा गांव में प्रधान इम्त्याज के साथ पंचायत भवन
में कुछ लोगों ने हाथापाई की।
बैठक नहीं होने दी। प्रधान ने दो
नामजद और पांच अज्ञात लोगों के खिलाफ एसपी और सीओ को तहरीर दी है। इसी तरह
नरैनी ब्लाक के पुंगरी, रेहुचा, चंद्रपुरा, बनई, पल्हरी में सदस्यों का
कोरम पूरा न होने से बैठकें नहीं हो पाईं।
बबेरू प्रतिनिधि के
मुताबिक बबेरू ग्रामीण ग्राम पंचायत की बैठक पंचायत भवन हुई। सामूहिक
हवन-पूजन हुआ। विकास कार्यों पर चर्चा की गई।
प्रधान चुन्नी देवी
और सचिव मुकेश तिवारी और सदस्यों ने सर्वसम्मति से समितियों को गठन किया।
बीडीओ गिरीश कुमार पाठक भी बैठक में शामिल हुए। क्षेत्र के करीब आधा दर्जन
गांवों में कोरम पूरा न होने पर बैठकें नहीं हो पाईं।
तिंदवारी
ब्लाक में अधिकांश ग्राम पंचायतों की बैठक हुईं। नोडल अधिकारी मौजूद रहे।
बेंदा में प्रधान हेमलता सिंह और सभी 15 सदस्य तथा नोडल अधिकारी कमलेश
कुमार उपस्थित रहे। मनरेगा में शीघ्र ही काम शुरू कराने और नील गायों से
फसल बचाने के लिए प्रस्ताव तैयार हुए।
सचिव प्रभाकर पटेल मौजूद
रहे। बड़ोखर ब्लाक के गुरेह गांव मेें प्रधान और सदस्यों ने सचिव के विरोध
में पहली ही बैठक का बहिष्कार कर दिया।
प्रधान क्रांति वर्मा ने
बताया कि पूर्व में ही उच्चाधिकारियों को पत्र देकर ग्राम पंचायत अधिकारी
राम सिंह कछवाह को यहां से हटाए न जाने पर बैठक के बहिष्कार के निर्णय की
जानकारी दे दी गई थी।
निर्वतमान प्रधान अवधेश सिंह ने कहा कि पिछली
पंचायत में कई काम पूरे होने के बाद भी भुगतान नहीं हुए। पूर्व प्रधान का
ढाई साल का मानदेय नहीं दिया गया।