बांदा। मंडलायुक्त गौरव दयाल ने क्वारंटीन से संबंधित उपकरणों (इंस्टूमेंट) की खरीद पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा की जा रही लेटलतीफी और हीलाहवाली पर कड़ी नाराजगी जताई है। उधर, सड़कों पर घूम रहे अन्ना पशुओं पर असंतोष जताते हुए खबरदार किया कि कोई भी पशु सड़क पर नजर नहीं आना चाहिए।
सोमवार को मयूर भवन सभागार में कोविड-19 से बचाव के लिए गठित की गई मंडलस्तरीय समिति की बैठक में आयुक्त ने विभिन्न विभागों द्वारा लॉकडाउन में किए जा रहे कार्यों की जानकारी लेकर समीक्षा की। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अपर निदेशक से क्वारंटीन से संबंधित उपकरणों की खरीद के बारे में पूछा गया तो अपर निदेशक ने कहा कि मांग की गई है।
इस पर आयुक्त ने सख्त नाराजगी जताई। कहा कि ऐसे संवेदनशील प्रकरण में भी सुस्ती बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निर्देश दिया कि तत्काल उपकरण खरीदे जाएं। पीपीई, मॉस्क, ग्लब्स की डिमांड तैयार कर तुरंत शासन को भेजें। श्रम उपायुक्त ने बताया कि मंडल में पंजीकृत 76,664 में से 62,855 मजदूरों को एक हजार रुपये की दर से वितरण किया जा चुका है। शहरों में 7057 फुटपाथी दुकानदारों और घुमंतुओं को भी यह भुगतान किया गया है।
खाद्य उपायुक्त ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में 3949 लोगों को चिह्नित किया गया है। इनमें 3249 को उनके खाते में एक हजार रुपये भेजे जा चुके हैं। 15 अप्रैल से शुरू हो रही गेहूं खरीद के लिए आयुक्त ने मंडी उप निदेशक को निर्देश दिया कि मंडियों में भीड़ न इकट्ठी हो। सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा पालन होना चाहिए। यह भी कहा कि जमाखोरी और कालाबाजारी न होने पाए। औषधि विभाग के सहायक आयुक्त को निर्देश दिए कि दवाओं की किल्लत या कालाबाजारी हरगिज न हो।
इस पर निगाह रखें। मेडिकल स्टोर में सोशल डिस्टेंसिंग से दवा दी जाए। डाक अधीक्षक को निर्देश दिया कि ईपीएस सिस्टम से लोगों को भुगतान की प्रक्रिया में तेजी लाएं। आयुक्त ने अधिकारियों से कहा कि केंद्र सरकार द्वारा तैयार किए गए आरोग्य सेतु एप को डाउनलोड कराएं। यह एप से स्वयं और अन्य लोगों को बचाने में काफी सहायक है।
अधिकारियों के साथ कर्मचारी भी मॉस्क लगाएं और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें। फील्ड कर्मी समय-समय पर अपने को सैनिटाइज करते रहें। बैठक में उप निदेशक सूचना भूपेंद्र यादव सहित अपर आयुक्त प्रशासन, संयुक्त विकास आयुक्त, आरएफसी इत्यादि मंडल स्तरीय अधिकारी/समिति सदस्य उपस्थित रहे।