बांदा। निरंकारी सद्गुरु माता सुदीक्षा ने कहा है कि जीवन को खुशबूदार फूल की तरह रखना है तो मन में अच्छे भाव लाएं। अच्छे कर्म इंसान को भगवान का दर्जा दिला देते हैं, वरना इंसान शैतान बन जाता है।
गुरुवार की शाम जेएन डिग्री कालेज खेल ग्राउंड में आयोजित निरंकारी सत्संग समागम में भारी तादाद में उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए सद्गुरु सुदीक्षा ने कहा कि परमात्मा से इतनी मजबूती से जुड़ें कि कभी टूट न पाएं। अच्छे भाव का उदाहरण दिया कि चाकू अगर डाक्टर के हाथ में होता है तो परोपकार करता है, जब डाकू के हाथ में होता है तो रक्तपात करता है, जबकि डाक्टर और डाकू दोनों के आकार एक जैसे होते हैं, लेकिन उनकी पहचान उनके कर्मों से होती है। ब्रह्मज्ञानी की पहचान उसका कर्म है। ईश्वर से जुड़कर अपना सदुपयोग करना सीखें। दुरुपयोग करना नहीं।
सद्गुरु ने कहा कि जो दूसरों का नुकसान करते हैं दरअसल वह अपना ही नुकसान कर रहे होते हैं। हमें ब्रह्म का ज्ञान लेकर सबके अंदर भगवान देखना चाहिए। ताकि सबका भला करते चले। ईश्वर ने जो दिया है कि उसका धन्यवाद करें। यही जीवन की कामयाबी है। समारोह में बड़ी संख्या में पास-पड़ोस के जिलों और गांवों से श्रद्धालु आए थे। महिलाओं की संख्या भी पुरुषों से कम नहीं थी। पार्किंग से लेकर पंडाल तक हर व्यवस्था निरंकारी सेवा दल और संत निरंकारी मंडल कार्यकर्ता संभाले रहे। प्रकाशन स्टाल, लंगर और प्याऊ भी खोले गए। जोनल इंचार्ज डा.दर्शन सिंह समेत निरंकारी मंडल के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
निरंकारी संत समागम में उपस्थित अनुयायी।- फोटो : BANDA