दिल्ली से आई मानवाधिकार आयोग की तीन सदस्यीय टीम ने जिला पुरुष व महिला चिकित्सालय का निरीक्षण किया। दोनों ही अस्पतालों में गंदगी और शौचालयों से उठ रही सड़ांध पर नाराजगी जताई और उनकी वीडियो क्लिप बनाई।
मानवाधिकार आयोग की तीन सदस्यीय टीम ने शुक्रवार की रात जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। गंदगी और जगह-जगह पड़ी डिस्पोजल सीरिंज पर असंतोष जताया। इमर्जेंसी वार्ड से सटे शौचालय से फैल रही बदबू पर टीम प्रभारी केके श्रीवास्तव ने नाराजगी जताई। वार्डों की दशा पर भी खफा हुए। मरीजों और तीमारदारों से सुविधाओं की जानकारी ली।
हां के बाद टीम ने महिला चिकित्सालय का जायजा लिया। शौचालय में अंधेरा और गंदगी थी। टीम ने उनकी तस्वीरें लीं। वीडियो क्लिप भी बनाई। मरीजों को ठंड से बचाने के लिए वार्डों में लगे ब्लोअर चेक किए। भोजन व्यवस्था की जानकारी ली। ब्लड बैंक, कंपोनेंट विभाग और वहां लगीं मशीनें भी देखीं। पीएचसी व सीएचसी में ब्लड बैंक न होने पर हैरत जताई।
लगभग एक घंटे के निरीक्षण में सदस्यों को दोनों अस्पतालों में कई खामियां मिलीं। सीएमएस डॉ.शेखर (जिला अस्पताल) और डॉ.ऊषा सिंह (महिला चिकित्सालय) ने मैन पॉवर कम होने की दलील देकर स्टाफ बढ़वाने की मांग की।
टीम प्रभारी ने बताया कि केंद्र व राज्य सरकार की संयुक्त योजनाओं के सही क्रियान्वयन को लेकर निरीक्षण किया जा रहा है। भरोसा दिलाया कि स्टाफ बढ़ाने और अन्य सुविधाएं मुहैया कराने के लिए शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
टीम में डॉ.एस गुलफाम व वाईपी मिश्रा शामिल रहे। इस अवसर पर डॉ.आरके गुप्ता, डॉ.टीआर सरसैय्या, डॉ.संजीव कुमार, डॉ.एसके वाजपेयी, डॉ.अनुराग, डॉ.राधे आदि उपस्थित रहे।