सायना इंटरनेशनल स्कूल के काउंसिलिंग सेशन में छात्र-छात्राओं और अभिभावकों को बोर्डिंग शिक्षा पद्धति का महत्व बताया गया। पढ़ाई-लिखाई में कमजोर छात्र-छात्राओं को मेधावी बनाने पर चर्चा हुई। अभिभावकों से कहा कि बच्चों के लिए भी समय निकालें, वरना उनकी संतानें हीनभावना और कुंठा में जकड़ सकती हैं।
यहां मैरिज हाल में आयोजित काउंसिलिंग में स्कूल प्रधानाचार्य डा. आदित्य कुमार शर्मा ने कहा कि व्यस्त समय में अभिभावक बच्चों को पूरा समय नहीं दे पाते। नतीजे में अभिभावकों के प्रति बच्चों में आत्मीय लगाव खत्म होने की प्रवृत्ति तेजी से बढ़ रही है। अकेलापन दूर करने के लिए छात्र मोबाइल, कंप्यूटर या लैपटाप इत्यादि संसाधनों में समय बिता रहे हैं। इससे बच्चों में चिड़चिड़ाहट तथा हीनभावना बढ़ रही है।
उन्होंने अभिभावकों को टिप्स दिए गए कि बच्चों के लिए भी समय निकालें। उनकी शिक्षा, दीक्षा पर पूरी नजर रखें। उन्होंने कहा कि बोर्डिंग स्कूल उच्च शिक्षा के लिए अच्छा माध्यम है। अभिभावकों ने स्वास्थ्य और बच्चों से संबंधित अन्य प्रश्न प्रधानाचार्य से पूछे। प्रधानाचार्य ने इनका जवाब दिया। स्कूल के जनसंपर्क अधिकारी ऋषिकेश त्रिपाठी व डा. लाल ने विद्यालय की शिक्षा पद्धति पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर पूर्व चेयरमैन संजय गुप्ता इत्यादि उपस्थित रहे।