बांदा। शहर के बलखंडी नाका में आयोजित संगीतमयी श्रीमद्भागवत कथा में भगवताचार्य आचार्य राघव जी महाराज ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने भक्तों का उद्धार व पृथ्वी को दैत्य शक्तियों से मुक्त कराने के लिए अवतार लिया था। उन्होंने कहा कि जब-जब पृथ्वी पर धर्म की हानि होती है, तब-तब भगवान धरती पर अवतरित होते हैं।
व्यास ने बताया कि जब अत्याचारी कंस के पापों से धरती डोलने लगी, तो भगवान कृष्ण को अवतरित होना पड़ा। सात संतानों के बाद जब देवकी गर्भवती हुई, तो उसे अपनी इस संतान की मृत्यु का भय सता रहा था। भगवान कृष्ण के जन्म लेते ही जेल के सभी बंधन टूट गए और भगवान श्रीकृष्ण गोकुल पहुंच गए। श्रीकृष्ण जन्म लेते ही मौजूद महिला श्रद्धालुओं ने सोहर गीत गाए। माखन मिश्री का प्रसाद वितरित किया गया। परीक्षित रामखेलावन पांडेय, धर्मपत्नी धनवंती देवी सहित श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप की आरती उतारी। प्रयागराज के आचार्य सतेंद्र मिश्र, निखिल व आकाश सहित राहुल द्विवेदी, राजेश पाण्डेय, सविता द्विवेदी, सतेंद्र सिंह, बृजेश पांडय, रत्नेश, अनुपम, अनिल रहे। (संवाद)