बांदा। युवती की गोली मारकर हत्या के जुर्म में युवक को उम्रकैद और 30 हजार रुपये जुर्माने की सजा दी गई है। घटना के पीछे एकतरफा प्यार और शादी से इनकार करना बताया जा रहा है।
नरैनी थाना क्षेत्र के हड़हा गांव में 10 जुलाई 2016 को जाहरा बेगम पत्नी बाबू खां ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि दिन में करीब 3 बजे उसके घर गांव का 28 वर्षीय गुलाम गौस पुत्र असलम बख्श तमंचा लेकर आ गया और उसकी 25 वर्षीय बेटी को पड़ोस के घर के जबरन ले गया। वहां पलंग में बैठकर उससे बातचीत करने लगा और कुछ ही देर बाद तमंचे से गोली मार दी।
बेटी आसमां खातून की वहीं मौत हो गई। घर और आसपास के लोग दौड़े तो तमंचा लहराता हुआ भाग निकला। पुलिस ने 12 जुलाई को आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस ने तफ्तीश के बाद अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। अभियोजन की ओर से एडीजीसी देवदत्त मिश्रा ने 8 गवाह पेश किए। पीड़िता की तरफ से अधिवक्ता राघवेंद्र सिंह भदौरिया ने पैरवी की।
दोनों पक्षों की सुनवाई और साक्ष्यों के आधार पर बुधवार को अपर सत्र न्यायाधीश ने अभियुक्त गुलाम गौस को हत्या के जुर्म में उम्र कैद और 30 हजार रुपये जुर्माना किया। जुर्माना न देने पर 2 माह की कैद और होगी। आर्म्स एक्ट में तीन वर्ष की कैद और 5000 रुपये जुर्माना किया। यह जुर्माना न देने पर 15 दिन की अतिरिक्त कैद होगी। सभी सजाएं साथ चलेंगी।