बांदा। अवैध संबंधों में रोड़ा बन रहे पति की हत्या में महिला और उसके प्रेमी को अदालत ने उम्रकैद की सजा दी है। दोनों पर पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना भी किया गया है। आरोपी प्रेमी घटना के बाद से ही जेल में है। पत्नी जमानत पर बाहर थी। उसे भी अब जेल भेज दिया गया।
घटना पैलानी थाना क्षेत्र के निवाइच गांव की थी। यहां रामेश्वर सिंह उर्फ कल्लू सिंह पुत्र शिवकरन ने 21 सितंबर 2011 को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके छोटे भाई राजेंद्र सिंह की पत्नी (बहू) सुनीता अपनी सगी बहन के पुत्र कुलदीप सिंह के साथ कहीं फरार हो गई और छह माह बाद लौटी। इस पर पति ने उसे साथ रखने से मना कर दिया।
कुलदीप सिंह ने पति को डरा-धमकाकर सुनीता को उसी के साथ फिर रखवा दिया। रिपोर्ट में यह भी कहा कि प्रेमी कुलदीप ने सुनीता से उसके पति की जमीन बेचने को कहा, लेकिन सुनीता ने इनकार कर दिया। पति मजदूरी करने चला जाता था तभी प्रेमी कुलदीप उसके पास आ जाता था। बेटी ने दोनों को कई बार आपत्तिजनक हालत में भी देखा। इस पर बेटी को मां सुनीता ने पीटा भी। पति राजेंद्र सिंह ने भी दोनों को आपत्तिजनक स्थिति में देखकर सुनीता को मारापीटा था।
रिपोर्ट के अनुसार प्रेमी कुलदीप और प्रेमिका सुनीता ने योजनाबद्ध ढंग से 20 सितंबर 2011 की रात राजेंद्र सिंह को गांव के बाहर खेत में ले जाकर कुल्हाड़ी से हत्या कर दी। पुलिस ने घटना के तीसरे दिन कुलदीप को गिरफ्तार कर सुनीता को भी हिरासत में ले लिया। इन दोनों की निशानदेही पर मृतक राजेंद्र के कपड़े और हत्या में इस्तेमाल की गई कुल्हाड़ी बरामद की गई।
पुलिस ने विवेचना के बाद अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। अभियोजन की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता सुशील तिवारी ने 12 गवाह पेश किए। गवाहों में मृतक के दोनों बेटी-बेटे भी शामिल थे।
सोमवार को प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश श्रीकृष्ण यादव ने इस मुकदमे का फैसला सुनाया। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की सुनवाई और साक्ष्यों के आधार पर पत्नी सुनीता और उसके प्रेमी कुलदीप को हत्या का दोषी पाते हुए उम्र कैद और पांच-पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा दी। जुर्माना अदा न करने पर एक-एक माह की और जेल होगी।