बांदा। जिले के ग्रामीणों को राजस्व संबंधी कार्यों के लिए अब तहसीलों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। शासन के निर्देश पर बुधवार से जिले की 470 ग्राम पंचायत सचिवालयों में लेखपाल नियमित रूप से बैठेंगे। यहां आय, जाति, निवास प्रमाणपत्र के सत्यापन, विरासत, नामांतरण, पैमाइश, खतौनी संबंधी जानकारी और अन्य राजस्व मामलों से जुड़े आवेदन व शिकायतों का निस्तारण किया जाएगा।
ग्राम पंचायत सचिवालयों में लेखपाल की नियमित उपस्थिति से ग्रामीणों को अपने गांव में ही राजस्व सेवाएं उपलब्ध होंगी। इससे तहसीलों में भीड़ कम होने के साथ ही लोगों का समय और खर्च दोनों बचेंगे। प्रशासन का उद्देश्य राजस्व सेवाओं को गांव स्तर तक पहुंचाकर आमजन को त्वरित और पारदर्शी सुविधा उपलब्ध कराना है। प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे अपने राजस्व संबंधी कार्यों के लिए ग्राम पंचायत भवन पहुंचकर लेखपाल से संपर्क करें और उपलब्ध सुविधाओं का लाभ उठाएं। सीडीओ अजय कुमार ने बताया कि पंचायत भवनों में लेखपाल बैठने के लिए निर्देश जारी कर दिए गए हैं। इस पहल ग्रामीणों को तहसील के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। उन्होंने कहा कि इस नई व्यवस्था से ग्राम सचिवालय ग्रामीणों के लिए वन स्टॉप सर्विस सेंटर के रूप में विकसित होंगे। इससे न केवल आमजन को राहत मिलेगी, बल्कि राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली भी अधिक जवाबदेह, पारदर्शी और प्रभावी बनेगी।
केवल प्रमाणपत्रों के लिए नहीं हैं लेखपाल
राजस्व परिषद ने अपने पत्र में यह भी स्पष्ट किया है कि लेखपाल केवल प्रमाण पत्रों से जुड़े कार्य ही नहीं करते, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था की मजबूत कड़ी के रूप में भी कार्य करते हैं। तहसील दिवस, थाना दिवस, वरासत, स्वामित्व योजना, किसान सम्मान निधि, राहत एवं पुनर्वास, आपदा प्रबंधन, भूमि विवादों का निस्तारण, कृषि गणना, जनगणना, फसल गिरदावरी, प्राकृतिक आपदाओं की रिपोर्ट, अवैध कब्जों की जांच, खनन संबंधी सत्यापन, सार्वजनिक वितरण प्रणाली से जुड़े सत्यापन तथा धान-गेहूं क्रय केंद्रों के सत्यापन जैसे अनेक महत्वपूर्ण दायित्व भी लेखपाल निभाते हैं।
किस ब्लॉक में कितने हैं ग्राम पंचायत
बबेरू- 66
बडोखर-खुर्द- 64
बिसंडा- 52
जसपुरा- 39
कमासिन- 76
महुआ- 537
नरैनी- 70
तिंदवारी- 50