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Banda News: फर्जी दस्तावेजों से नौकरी पाने वाला लेखपाल 15 साल बाद बर्खास्त

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बांदा। फर्जी दस्तावेजों के साथ नौकरी पाने वाले लेखपाल को 15 साल बाद बर्खास्त किया गया। फतेहपुर और हालिया में कानपुर नगर के रहने वाले लेखपाल की यह करतूत वर्ष 2008 में नियुक्ति के बाद ही खुलने लगी थी। इसकी भनक लगते ही वह ट्रेनिंग के दौरान ही गायब हो गया। अब उसके खिलाफ विधिवत कार्रवाई करते हुए थाने में नायब तहसीलदार द्वारा अतर्रा कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई और नियुक्ति के दिन से ही उसकी सेवा समाप्त कर दी गई।
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फर्जी जाति प्रमाण पत्र लगाकर लेखपाल पद पर नियुक्ति पा ली। प्रमाण पत्र की जांच होने पर प्रमाण पत्र फर्जी निकला। डीएम ने नियुक्ति निरस्त कर दी। बर्खास्त लेखपाल के खिलाफ नायब तहसीलदार राजीव यादव ने अतर्रा कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई है। वर्ष 2007-08 में लेखपाल पद की भर्ती निकली थी। इसमें बांदा जनपद के लिए फतेहपुर जनपद के बकेवर थाना अंतर्गत बेंता गांव के निवासी व हाल मुकाम कानपुर नगर के सुजानपुर के आजादनगर दहेली निवासी मनोज कुमार ने लेखपाल पद के लिए आवेदन किया था। जिसमें आरोपी ने 16 फरवरी 2008 को नियुक्ति भी प्राप्त कर ली थी। इसके बाद चयन समिति के समक्ष आरोपी द्वारा प्रस्तुत किए गए जाति प्रमाण पत्र की जब जांच कराई गई तो वह फर्जी पाये गए। इस पर डीएम ने आरोपी की नियुक्ति निरस्त करते हुए सेवा से बर्खास्त करने की कार्रवाई के निर्देश दिए। इस मामले में डीएम ने एसडीएम अतर्रा को आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश भी दिए थे। एसडीएम के निर्देश पर नायब तहसीलदार राजीव यादव ने आरोपी के विरुद्ध जालसाजी, कूटरचित दस्तावेज प्रस्तुत करना, चयन समिति के अधिकारियों को धोखा देना सहित अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई है। अतर्रा कोतवाली प्रभारी अरविंद सिंह ने बताया कि नायब तहसीलदार की तहरीर पर आरोपी मनोज कुमार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। तहसीलदार राम चंद्र सिंह ने बताया कि फर्जी दस्तावेज पकड़े जाने की भनक पाते ही आरोपी ट्रेनिंग के दौरान से ही गायब है। अब उसकी विधिवत सेवा समाप्ति की कार्रवाई की गई है।
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