बांदा। संसाधनों की कमी के बावजूद यहां खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा की चमक देश-प्रदेश में बिखेरी। जोनल से लेकर प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। जिले के इकलौते स्पोर्ट्स स्टेडियम में टर्फ विकेट तो बनी, पर दो साल में भी यह खेलने योग्य नहीं तैयार हो सकी। जरा सी बारिश में यहां मैदान में पानी से लबालब हो जाता है। खिलाड़ी अभ्यास नहीं कर पाते। इन समस्याओं के बावजूद होनहार महिला खिलाड़ी शोभा सिंह और उसके भाई सौरभ ने क्रिकेट में अपना जज्बा व जुनून दिखाया।जीआरपी में दरोगा कामता प्रसाद की बेटी शोभा सिंह प्रतिभा की मोहताज नहीं हैं। पढ़ाई के साथ-साथ उसके अंदर क्रिकेट खेलने का जुनून रहा। बचपन (कक्षा -6 से) से ही उसने स्पोर्ट्स स्टेडियम में बैट से प्रैक्टिस शुरू कर दी। पिछले चार सालों में उसने कई मुकाम हासिल किए। पहले उसने जिला व मंडल स्तरीय क्रिकेट प्रतियोगिताओं में बेहतरीन बैटिंग के दम पर धमाल मचाया। फिर उसका सेलेक्शन लखनऊ स्पोर्ट्स हास्टल के लिए हुआ। वर्ष 2015 में शोभा सिंह को महिला रणजी टीम में खेलने का मौका मिला।
नागपुर में स्टेट जोनल चैंपियनशिप में दिल्ली के खिलाफ मैच में ओपनर बैट्समैनों ने निराश किया और तीसरे विकेट के लिए उतरी शोभा और उसकी जोड़ीदार झांसी की अदिति शर्मा ने शानदार क्रमश: 42 व 36 रन बनाए। हालांकि यह मैच यूपी टीम दो रनों से हार गई। इसी साल जनवरी में मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में उसने राज्य स्तरीय चैंपियनशिप में भाग लिया। यहां एक पारी में 32 और दूसरी में 36 गेंद में 62 रन बनाए। इसी माह में नोएडा में कैंप में विदर्भ, यूपी, एमपी, राजस्थान व छत्तीसगढ़ की टीमों में सेंट्रल जोन के लिए 105 महिला खिलाड़ियों का चयन हुआ। उसमें शोभा सिंह भी शामिल हैं। चयन के बाद गुंठूर (राजस्थान) में सेंट्रल जोन की ओर से खेली। इसमें उसने शानदार 34 रन और दूसरे में 20 रन बनाए। शोभा के भाई सौरभ सिंह भी बहन की कदम पर चल पड़ा है। इस होनहार 14 वर्षीय खिलाड़ी का सैफई हास्टल के लिए चयन हुआ है। सैफई हास्टल की ओर से उसने तेलांगना में स्टेट लेबल मैच खेला। यहां 36 बाल में सौरभ ने शानदार 78 रनों की पारी खेल अपनी टीम जीत दिलाई। दूसरे मैच में 38 बाल में 42 रन बनाए। इसके अलावा स्पोर्ट्स स्टेडियम के होनहार क्रिकेट खिलाड़ी मानस त्रिपाठी, अजय यादव का स्पोर्ट्स हास्टल लखनऊ में चयन हुआ है।