बांदा। पिता ने ऑपरेशन के लिए 20 हजार रुपये नहीं दिए तो बेटे ने आत्महत्या कर ली। फंदे पर बेटे को लटका देख पिता ने पड़ोसियों की मदद से शव नीचे उतारा और पुलिस को सूचना दी।
कोतवाली देहात क्षेत्र के जौरही गांव में ब्रजकिशोर (40) का शव बुधवार की सुबह कमरे में रस्सी के फंदे से लटका मिला। दरवाजे खुले थे। पिता बद्री प्रसाद ने शव लटका देखा तो पड़ोसियों की मदद से उसे नीचे उतारा। तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है।
चाचा राममिलन विश्वकर्मा ने बताया कि ब्रजकिशोर मकानों में पेंटिंग का काम करता था। छह माह पूर्व तीन मंजिला मकान से गिरने के कारण उसके पैर टूट गए थे। दोनों पैरों में सरिया पड़ी है। अभी भी इलाज चल रहा था। डेढ़ माह पूर्व वह दिल्ली से यहां घर आ गया था। तीन दिन से पिता से गुरुग्राम में पैर का ऑपरेशन कराने के लिए 20 हजार रुपये मांग रहा था, लेकिन पिता के पास रुपये की व्यवस्था नहीं थी।
आर्थिक तंगी के चलते उसने आत्महत्या कर ली।
बताया कि पिता की आर्थिक हालत ऐसी है कि कफन तक के लिए पैसे नहीं है। रिश्तेदार मिलजुलकर अंतिम संस्कार कर रहे हैं। चाचा के मुताबिक मृतक के एक बेटा और एक बेटी है। बेटी बांदा स्थित निजी कॉलेज में बीटेक कर रही है, लेकिन उसकी शादी हो चुकी है। पत्नी दुर्गा और बेटा दिल्ली में रहकर मजदूरी करते हैं। ब्रजकिशोर के इलाज में खर्च होने पर उनकी भी हालत बद्तर हो गई है।