बांदा। किराए का कमरा लेकर रह रहे मजदूर ने फंदा लगाकर जान दे दी। मकान मालकिन ने आवाज दी तो कोई प्रतिक्रिया न होने पर कमरे की खिड़की से देखा तो उसे फंदे से लटका पाया।
शहर कोतवाली क्षेत्र के कनवारा गांव के छावनी डेरा निवासी ओमप्रकाश उर्फ सूरज (25) महीने भर से शहर के जरैली कोठी स्थित पप्पू धुरिया के मकान में पत्नी लीला के साथ किराए से रह रहा था। मंगलवार को दोपहर डेढ़ बजे के करीब जब वह अपने कमरे से बाहर नहीं निकला तो मकान मालकिन रानी देवी ने आवाज लगाई।
कोई प्रतिक्रिया न होने पर उन्होंने कमरे में लगी खिड़की से झांका तो वह फंदे से लटका मिला। उन्हाेंने पास पड़ोस के लोगों को घटना की जानकारी दी। अपने पति को बताया। मकान मालिक पप्पू की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और फंदे से शव उतारा गया।
मां माया ने बताया कि सूरज के पिता सुखलाल की मौत होने के बाद वह गांव छोड़कर कांशीराम काॅलोनी हरदौली में रहने लगी थी। बेटे-बहू को जरैली कोठी में किराये का कमरा दिलाया था। बहू लीला 15 दिन पहले मायके पैलानी डेरा गांव गई थी। किसी तरह का कोई विवाद भी नहीं हुआ। उसने किस वजह से फंदा लगाया उन्हें नहीं पता।
शहर कोतवाल पंकज सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया खुदकुशी है। परिजन कारण नहीं बता सके हैं। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। युवक होटल में मजदूरी करता था।