बांदा। सूबे की योगी सरकार ने बांदा मेडिकल कालेज में स्थापित की गई बायो सेफ्टी लैब (बीएसएल-2) का तोहफा देकर चित्रकूटधाम मंडल के कोरोना संक्रमण की आरटीपीसीआर जांच में होने वाली समस्या को काफी हद तक दूर कर दिया है। प्रदेश सरकार ने बायो सेफ्टी लैब प्रदेश के दस मेडिकल कॉलेजों में स्थापित की है, जिसका सीएम योगी आदित्यानाथ सोमवार (आज) को ऑनलाइन लोकार्पण करेंगे।
गौरतलब हो कि बुंदेलखंड में कोरोना संक्रमण का पता करने को अभी तक आरटीपीसीआर जांच केवल झांसी मेडिकल कॉलेज में होती थी। चित्रकूटधाम मंडल के इकलौते बांदा मेडिकल कालेज में इस जांच की सुविधा नहीं थी। कोरोना संक्रमण की आरटीपीसीआर जांच के लिए नमूने झांसी, प्रयागराज और कानपुर भेजे जाते थे।
इन जिलों से जांच रिपोर्ट में आने दो से तीन लग जाते थे, लेकिन अब जहां झांसी, कानपुर और प्रयागराज की दौड़ खत्म होगी, वहीं जांच रिपोर्ट भी समय से मिल जाएगी। प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण महानिदेशक आरसी गुप्ता द्वारा बांदा, अंबेडकर नगर, बदायूं, सहारनपुर, जालौन, आजमगढ़ के राजकीय मेडिकल कालेज प्रधानाचार्य और अयोध्या, बस्ती, बहराइच और फिरोजाबाद के चिकित्सा महाविद्यालयों के प्रधानाचार्यों को जारी पत्र में बताया कि सोमवार को प्रदेश के दसों मेडिकल कॉलेजों में स्थापित की गई बायो सेफ्टी लैब का लोकार्पण मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ करेंगे।
उन्होंने बताया कि लोकार्पण के दौरान ये सभी मेडिकल कालेज ऑनलाइन शामिल रहेंगे। प्रधानाचार्यों को निर्देश दिया कि आनलाइन लोकार्पण की व्यवस्था लैब के यथासंभव नजदीक ही की जाए, जिसमें इंटरनेट कनेक्टिविटी की उत्तम व्यवस्था रहे। इन सभी व्यवस्थाओं में बॉयो सेफ्टी एवं सामाजिक दूरी का विशेष रूप से पालन करने के निर्देश दिए हैं।
150 नमूनों की होगी रोज जांच
बॉयो सेफ्टी लेवल-2 (बीएसएल) लैब चालू होने पर मेडिकल कालेज में रोजाना 150 से ज्यादा नमूनों की आरटीपीसीआर से कोरोना जांच हो सकेगी। अधिकतम एक घंटे में जांच रिपोर्ट मिल जाएगी। यह रिपोर्ट सत्यापन के लिए केजीएमयू, लखनऊ भेजी जाएगी। वहां भी नमूनों की जांच होगी और नतीजे से यहां के लैब को अवगत कराया जाएगा।
दिल्ली से मिलेगी लैब को मान्यता
सोमवार को बीएसएल-2 लैब का औपचारिक उद्घाटन भले ही हो जाए, लेकिन इसे मान्यता हासिल करने में फिलहाल कम से कम एक सप्ताह का इंतजार करना होगा। अभी लैब को मान्यता नहीं मिली है। लैब चालू होने के बाद इनमें
संकलित किए जाने वाले नमूनों की जांच रिपोर्ट केजीएमयू लखनऊ भेजी जाएगी। वहां यह जांच परखी जाएगी। सब कुछ ठीकठाक मिलने पर केजीएमयू लैब की मान्यता के लिए अपनी संस्तुति भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर), दिल्ली भेजेगा। परिषद से मान्यता की मंजूरी मिलेगी।
तीन जिलों की दौड़ से मिलेगी निजात
कोरोना संक्रमण का पता करने के लिए अभी आरटीपीसीआर जांच झांसी, प्रयागराज और कानपुर में होती है। जांच रिपोर्ट आने में दो से तीन दिन तक लग जाते हैं। बांदा मेडिकल कालेज में बीएसएल-2 लैब चालू होने के बाद जांच सुविधा यहीं उपलब्ध हो जाएगी।
इसमें मंडल के चारों जनपद बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, महोबा के नमूनों की जांच होगी। लैब 24 घंटे कार्यरत रहेगी। इसमें कर्मचारियों की ड्यूटी 8-8 घंटे की तीन चरणों में होगी।