केन नदी पुल के पास नेशनल हाइवे पर लगा जाम।
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बांदा। ‘जिसकी जितनी संख्या भारी, टिकट में उतना पलड़ा भारी’। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महोबा रैली में भीड़ जुटाने के लिए भाजपा नेताओं ने अपनी पार्टी से टिकट मांगने वाले दावेदारों की लंबी जमात के साथ यही फंडा और हथकंडा इस्तेमाल किया। टिकट के दावेदारों ने दीपावली सीजन में इस ‘आफर’ पर अपनी सारी ताकत झोंक दी। कुछ तो दो से तीन सौ तक वाहनों का बेड़ा लेकर रैली पहुंचे। पैसा पानी की तरह बहाया। पहली बार और विधानसभा चुनाव के मौसम मेें प्रधानमंत्री का बुंदेलखंड आगमन काफी महत्वपूर्ण था। उससे ज्यादा भाजपा नेताओं के सामने यह जरूरी था कि इस रैली में भीड़ जमकर जुटे। इसके लिए पूरे बुंदेलखंड की 19 सीटों से भाजपा का टिकट मांग रहे एक सैकड़ा से ज्यादा दावेदारों पर भाजपा ने यह दाव लगाया। उनसे कहा गया कि रैली में अपनी ताकत का प्रदर्शन करें।
प्रधानमंत्री के साथ रैली के मंच पर प्रदेश अध्यक्ष और भाजपा हाईकमान के कई सदस्य भी होंगे, जो सबसे ज्यादा भीड़ लाएगा, वही टिकट पाएगा। नतीजे मेें टिकट की लाइन में लगे भाजपा नेताओं ने इस पर खरा उतरने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी। कई दावेदार एक सैकड़ा से लेकर तीन सौ तक चार पहिया वाहन ले गए। इनमें बसें और हल्के वाहन भी थे। अपने वाहनों की संख्या उजागर करने के लिए वाहनों के शीशों पर क्रम संख्या लिखी गई थी। हालांकि वाहनों का यह काफिला रैली स्थल से दूर ही रोक दिया गया। भाजपा के बड़े नेता इस बेड़े को नहीं देख पाए। अलबत्ता दूसरे माध्यमों से यह पता लगाया जा रहा है कि कौन कितने वाहन लाया और उनमें कितने लोग थे?
वाहनों से जाम हो गया हाईवे
बांदा। प्रधानमंत्री की रैली में जाने वाले भाजपाइयों के वाहनों ने मंडल मुख्यालय की ट्रैफिक व्यवस्था अस्त-व्यस्त कर दी। सबसे ज्यादा बुरा हाल बांदा-महोबा नेशनल हाईवे का रहा। शहर के नजदीक केन नदी पुल के पास से ही सैकड़ों भाजपाई वाहनों से जाम लग गया। रोडवेज यात्री बसें और आम लोगों के वाहन घंटों फंसे खड़े रहे। पुलिस का कहीं अता-पता नहीं रहा। फंसे यात्रियों में भारी रोष देखा गया। वह लगातार ऐसे आयोजनों को कोसते रहे। बमुश्किल वाहन रेंगते हुए महोबा पहुंचे। दोपहर बाद रैली खत्म होने पर भी हाईवे का यही हाल रहा।