अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा का सामूहिक विवाह यज्ञ समारोह 24 फरवरी को पल्हरी स्थित स्मृति वाटिका में होगा। विधवाओं का पुनर्विवाह भी होगा। महासभा की बैठक में पदाधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपी गईं। आयोजन समिति वरिष्ठ अध्यक्ष डॉ.विजय सिंह चौहान ने कहा कि विवाह योग्य युवक-युवतियों के लिए लोग शीघ्र पंजीयन कराएं। पिछले साल चार विधवाओं का पुनर्विवाह कराया गया था।
सूर्यपाल सिंह चौहान ने कहा कि दहेज और फिजूल खर्ची जैसी कुरीतियां विवाह संस्कार को वीभत्स बना रही हैं। सह संयोजक कमलेश सिंह ने कहा कि तहसील व ब्लाक कमेटी, युवा प्रताप वाहिनी विवाह पंजीकरण में जुट जाएं। कमलेश सिंह, पतिराखन सिंह, नरेंद्र सिंह परिहार, अरविंद सिंह, आरएन सिंह, रणविजय सिंह, ब्रजेश सिंह, प्रशांत सिंह, प्रदीप सिंह को जागरूकता की जिम्मेदारी सौंपी गई। सबल सिंह, डॉ.सुरेंद्र सिंह, डॉ.देवी सिंह आदि मौजूद रहे।
प्रदेश सरकार भी देगी 35 हजार रुपये
उत्तर प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के प्रस्ताव को हाल ही में मंजूरी दी है। इसमें सभी वर्गों की गरीब बेटियों की शादी के लिए सरकार की ओर से प्रति जोड़ा 35 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे। वैवाहिक समारोह की जिम्मेदारी नगर निकाय, क्षेत्र व जिला पंचायत संभालेंगे। समाज कल्याण अधिकारी आरडी यादव ने बताया कि गरीबी रेखा नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों में गरीब बेटियों की हाथ पीले करने के लिए शासन ने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना शुरू कर दी है।
अब एक ही पंडाल में 10 जोड़े एक साथ वैवाहिक बंधन में बंधेंगे। इसका सारा खर्च सरकार उठाएगी। सामूहिक विवाह योजना के लिए इच्छुक पात्र परिवार ब्लाक व नगर पालिका में आवेदन कर सकता है। वधू के खाते में प्रोत्साहन स्वरूप 20 हजार रुपये भेजे जाएंगे। विधवा या तलाकशुदा वधू को 25 हजार मिलेंगे। विवाह के दौरान कपड़े, बिछिया, पायल व 7 बर्तन के लिए 10 हजार और भोजन व फर्नीचर समेत अन्य व्यवस्थाओं पर प्रति जोड़ा 5 हजार रुपये खर्च होंगे। वैवाहिक समारोह आयोजित कराने के लिए नगर पालिका व नगर पंचायतों के साथ क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत को दायित्व सौंपे गए हैं। साथ ही जिलाधिकारी से नामित एनजीओ भी इसमें शामिल रहेगी।