बांदा। आजादी की 75वीं वर्षगांठ पर मनाए जा रहे अमृत महोत्सव में एक तरफ शहीदों को याद किया जा रहा था, तो दूसरी तरफ कृषि कानूनों के विरोध में स्वतंत्रता स्मारक किसानों के नारों से गूंज रहा था। हल्की बूंदाबांदी के बीच हुई महापंचायत में किसान नेताओं ने कहा कि तीनों कृषि कानूनों से किसान बंधुआ मजदूर बन जाएगा। प्रशासन और पुलिस के पहरे में लगभग तीन घंटे तक महापंचायत हुई।
शुक्रवार को बुंदेलखंड किसान यूनियन (अराजनैतिक) के बैनर तले चित्रकूटधाम मंडल मुख्यालय स्थित स्वतंत्रता स्मारक अशोक लाट में किसान महापंचायत हुई। किसान मजदूर महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष मध्यप्रदेश के भोपाल के शिव कुमार कक्का ने कहा कि कृषि कानून लागू हुए तो किसान बंधुआ मजदूर बन जाएगा। कानून वापस न होने तक किसान आंदोलन करते रहेंगे। पंजाब से आए मनजीत सिंह राय व हरियाणा से आए अभिमन्यु कोहाड़ ने कहा तीनों कृषि कानून किसानों के लिए गले का फंदा हैं। किसान आंदोलन से सीमा पर तैनात जवान सड़क पर ड्यूटी दे रहे। किसानों के आंदोलन को मजबूत बनाने को जो भी कुर्बानी देना पड़े, दी जाएगी।
कहा कि किसान गांधीवादी आंदोलन से केंद्र सरकार को कानून वापस लेने के लिए मजबूर कर देंगे। बुंदेलखंड किसान यूनियन राष्ट्रीय अध्यक्ष विमल कुमार शर्मा ने कहा कि महापंचायत रोकने के लिए प्रशासन ने पूरा जोर लगा दिया। जहीर क्लब में लगा टेंट उखाड़ दिया। चेतावनी दी कि प्रशासन और पुलिस से किसान डरने वाले नहीं हैं। महापंचायत में झांसी के अमलेश राय, महोबा के अनुपा सिंह, श्रवण कुमार, प्रहलाद करवरिया, पप्पू पुरैनिया, राधारमण बाजपेयी, अखिलेश रावत, राकेश साहू, दिनेश कुमार निरंजन, बाला, किशन पाठक, उमेश राजपूत, ज्योति शुक्ला, चंद्रकली, योगेश शुक्ला, उमा सिंह, संतोष शुक्ला, देवीदीन राजपूत, मुन्नीलाल कुशवाहा आदि मौजूद थे।
रूट डायवर्ट होने से राहगीर रहे परेशान
कृषि कानूनों के विरोध में अशोक लाट में आयोजित किसान महापंचायत को लेकर पुलिस ने आंदोलनस्थल आने वाले सभी मार्ग में बैरिकेडिंग लगा रखी थी। दोपहर 12 बजे से कचहरी रोड पूरी तरह से ब्लॉक कर दी गई। जजी गेट से लेकर संकट मोचन मंदिर तक दो पहिया व चार पहिया वाहनों को पुलिस ने नहीं आने दिया। कलक्ट्रेट परिसर के आसपास भारी पुलिस फोर्स तैनात रहा।
पुलिस छावनी में तब्दील रहा आंदोलन स्थल
बुंदेलखंड किसान यूनियन की अगुवाई में हुई महापंचायत को लेकर प्रशासन और पुलिस अलर्ट मोड में नजर आई। आंदोलन को लेकर कलक्ट्रेट को बैरिकेडिंग से पूरी तरह सील कर दिया गया था। मंडलायुक्त, आईजी, डीएम व एसपी आवास में सुरक्षा कड़ी कर दी गई थी। कचहरी से लेकर संकट मोचन व रेलवे स्टेशन तक भारी पुलिस बल तैनात रहा। एएसपी महेंद्र प्रताप चौहान, सिटी मजिस्ट्रेट केशव नाथ, सीओ सिटी अजय भदौरिया, शहर कोतवाल जय श्याम शुक्ल समेत पुलिस व पीएसी के जवान पूरे समय डटे रहे।