संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा। आपराधिक घटनाओं पर रोक लगाने और ई-रिक्शा चालकों को डिजिटल प्लेटफार्म उपलब्ध कराने के लिए एसपी ने नई पहल की है। साइबर पुलिस जीआईसी ग्राउंड में कैंप लगाकर शहर में ई-रिक्शा चालकों और उनके मालिकों का सत्यापन कर रही है। ई-रिक्शा में सफर के दौरान संबंधित यात्री पल भर में क्यूआर कोड स्कैन करके चालक व मालिक की कुंडली खंगाल सकेगा।
सत्यापन कैंप में मौजूद साइबर पुलिस कर्मियों के मुताबिक संभागीय परिवहन कार्यालय में लगभग 7500 ई-रिक्शा पंजीकृत हैं। शाम ढलने के बाद महिलाओं को सफर करने में इन रिक्शा चालकों से भय बना रहता है। इसको ध्यान में रखते हुए एसपी अंकुर अग्रवाल के निर्देश पर ई-रिक्शा चालकों व उनके मालिकों का सत्यापन किया जा रहा है।
जीआईसी ग्राउंड में साइबर पुलिस कर्मी हिमांशु, रजनीश और अनिल आर्या के द्वारा ई-रिक्शा चालकों के सत्यापन का कार्य किया जा रहा है।
पुलिस कर्मियों ने बताया कि चालक का आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और ई-रिक्शा का रजिस्ट्रेशन के साथ ही ई-रिक्शा मालिक का आधार और फोटो लिया जा रहा है।
चालक और मालिक का विवरण अंकित करने के बाद एक क्यूआर काेड ई-रिक्शा में चस्पा किया जा रहा है, इससे यात्री को संबंधित ई-रिक्शा चालक का नाम और पता पल भर में पता चल सकेगा। महिलाएं अपने घर में भी संबंधित ई-रिक्शा चालक का नाम और पता साझा कर सकती हैं। साइबर पुलिस कर्मियों ने बताया कि सत्यापन के तीसरे दिन सोमवार को 150 ई-रिक्शा चालकों का सत्यापन कर क्यूआर कोड जारी किया गया।ा