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खरीफ में 15,794 हेक्टेयर का इजाफा

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बांदा। बेहतर बारिश के साथ ही खरीफ की बुआई लक्ष्य में पिछले वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष 15 हजार 794 हेक्टेयर का इजाफा किया गया है। इस वर्ष एक लाख 37 हजार 997 हेक्टेयर में खरीफ की बुआई होगी, जबकि पिछले वर्ष एक लाख 22 हजार 203 हेक्टेयर में बुआई का लक्ष्य निर्धारित किया गया था।
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शासन ने धान के लिए मशहूर जनपद को खास तवज्जो नहीं दी है। दलहन व तिलहन को खास प्राथमिकता दी गई है। जनपद में शासन ने इस वर्ष धान के आच्छादन लक्ष्य में महज 523 हेक्टेयर की वृद्धि की है, जबकि धान उत्पादन के लिए जनपद के नरैनी, अतर्रा, महुआ सहित बड़ोखर ब्लाक क्षेत्र में धान की अत्यधिक बुआई की जाती है। अरहर के 3597, तिल के 4689, ज्वार के बुआई लक्ष्य में 5118 हेक्टेअर का इजाफा किया गया है। मूंगफली में 139, बाजरा में 166 व उर्द में 1771 हेक्टेयर की वृद्धि की गई है। मक्का, कोदा आदि के आच्छादन लक्ष्य में कोई वृद्धि नहीं की है। सोयाबीन का आच्छादन लक्ष्य में 236 हेक्टेयर की कमी की गई है।
दो वर्षों का खरीफ का आच्छादन लक्ष्य (हेक्टेयर में)---
फसल 2021 2022
धान 53,038 53,561
ज्वार 23,621 28,739
बाजरा 2,864 3,030
मूंग 2,664 2,691
उर्द 4,386 6,157
अरहर 17,743 21,340
तिल 16,756 21,445
मूंगफली 572 711
मक्का 04 04
सोयाबीन 534 298
अन्य 21 21
जनपद की भूमि अरहर व तिल के लिए बेहद मुफीद है। इस लिए शासन ने इनके आच्छादन लक्ष्य में खासा इजाफा किया है। धान की फसल पानी पर निर्भर है। पानी की कमी से किसानों को नुकसान उठाना पड़ता है। ऐसे में धान के आच्छादन लक्ष्य में कोई खास इजाफा नहीं किया गया है। जिले में सोयाबीन की बुआई लगभग शून्य जैसी है। यहां कुछ ही किसान सोयाबीन की बुआई करते है।
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-डा. प्रमोद कुमार, जिला कृषि अधिकारी।
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