बांदा। केन-बेतवा लिंक परियोजना के भारी भरकम बजट से बांधों और नहरों का पुनरुद्धार किया जाएगा। लगभग 44 हजार करोड़ रुपये की इस परियोजना से गंगऊ और बरियारपुर बांध की मरम्मत की जाएगी। मुख्य केन नहर को पक्का करने का प्रस्ताव भेजा गया है। लगभग 15 पुराने पुलों की भी मरम्मत होगी। सर्वे के लिए दिल्ली से टीम आनी है।
मध्य प्रदेश क्षेत्र में केन नदी पर गंगऊ बांध और बरियारपुर वीयर बने हैं। इनकी देखरेख का जिम्मा बांदा सिंचाई विभाग पर है। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश शासन में हुए समझौते के तहत बांधों के पानी का बंटवारा होता है। लगभग 100 साल पुराना बरियारपुर वीयर अब काफी पुराना और जीर्णशीर्ण हो चुका है। पानी भंडारण क्षमता भी घट गई है। बांध में जमा सिल्ट की सफाई नहीं हो सकती। अब इसका पुनरुद्धार केन-बेतवा लिंक परियोजना के लिए जारी बजट से किया जाएगा। दीवारों की मरम्मत की जाएगी। पानी भंडारण क्षमता बढ़ाई जाएगी।
इसके अलावा परियोजना में बरियारपुर बांध से निकली मुख्य केन नहर पुनरुद्धार भी शामिल है। इसे पक्का किए जाने का प्रस्ताव सिंचाई प्रखंड तृतीय ने शासन को भेज दिया है। इसकी लंबाई-चौड़ाई को दुरुस्त किया जाएगा। कटान रोकने और क्षतिग्रस्त हिस्से को ठीक किया जाएगा। केन नहर पर लगभग 15 पुल बने हैं। ये काफी पुराने हो चुके हैं। इनकी भी मरम्मत होगी। इसके लिए भी परियोजना से बजट मिलेगा।
केन-बेतवा लिंक परियोजना से होने वाले कार्यों का प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है। इसमें बांध, मुख्य नहर और पुलों की मरम्मत शामिल है। सर्वे के लिए दिल्ली से टीम को आना है। कभी भी टीम यहां आकर निरीक्षण कर सकती है। इस्टीमेट तैयार है। शासन की मंजूरी मिलते ही काम शुरू हो जाएगा। -रामराज, अधिशासी अभियंता, सिंचाई प्रखंड तृतीय, बांदा।
इनसेट...
बांध पुराने, ऊंचा करने का प्रस्ताव उचित नहीं
आरटीआई कार्यकर्ता आशीष सागर ने बताया कि केन-बेतवा लिंक परियोजना को लेकर सुप्रीम कोर्ट से गठित कमेटी ने जांच की थी। रिपोर्ट में कई चौंकाने वाले खुलासे किए गए। फिर भी परियोजना को सरकारों ने मंजूर कर दिया। हैरत की बात यह है कि पानी भंडारण क्षमता बढ़ाने के लिए करीब 10 मीटर बांधों को ऊंचा करने का प्रस्ताव है। बांध काफी पुराने हैं। ऊंचाई बढ़ाकर पानी भंडारण क्षमता बढ़ाना उचित नहीं होगा। फिलहाल परियोजना से हित कम नुकसान ज्यादा है।
केन-बेतवा परियोजना एक नजर में
-केन-बेतवा परियोजना की शुरुआत वर्ष 2005 में हुई थी।
-231.45 किमी लंबी नहर के जरिए केन और बेतवा नदी को जोड़ा जाएगा।
-परियोजना में 77 मीटर लंबा और दो किमी चौड़ा दौधन बांध बनेगा।
-परियोजना की कुल लागत 44,605 करोड़ रुपये है।
-केन नदी के पानी को बेतवा नदी ले जाया जाएगा।
-परियोजना से सूखाग्रस्त क्षेत्र बुंदेलखंड को सिंचाई के लिए पानी मिलेगा।
-करीब 62 लोगों को पीने के लिए पानी मिल सकेगा।
-103 मेगावाट बिजली पैदा होगी।