बांदा/खत्री पहाड़। शारदीय नवरात्र के छठवें दिन
भक्तों में मां कात्यायनी की पूजा-अर्चना की। मंदिरों में दुर्गा मां का 56
पकवानों से भोग लगाया गया। कन्याओं को भोज कराकर उन्हें उपहार दिए। शाम को
पांडालों में दर्शनार्थियों की भीड़ उमड़ी।
कहला गांव स्थित स्वामी
रामानंद मंदिर में सोमवार को कन्याओं को दही-जलेबी परोसी गई। आयोजक बाबू
नामदेव, मूलचंद्र श्रीवास (मुल्लू) ने हरेक कन्या को स्टील का गिलास और
प्लेट देकर विदा किया। उधर, काली देवी मंदिर (बांदा) में पूरे दिन कन्या
भोज व अनुष्ठान चला।
महेश्वरी देवी मंदिर व खाईंपार स्थित चौसठ
जोगिनी मंदिरों में कन्या भोज व दुर्गा सप्तशती का अखंड पाठ हुआ। देवी
मंदिरों समेत शिवालयों व रामजानकी मंदिरों में सुबह महिलाओं की भारी भीड़
उमड़ी।
लामा गांव स्थित बिछुल देवी मंदिर में स्वामी हरेश्याम गिरि
(बनारस) ने नौ कुंडीय शतचंडी महायज्ञ में बृजकिशोर सिंह, राधा सिंह,
जंगबहादुर सिंह, मिथलेश सिंह आदि यजमानों से आहुतियां दिलाईं। 22 अक्तूबर
(गुरुवार) को भंडारा होगा।
उधर, सिद्धदात्री विंध्यवासिनी मंदिर
में मां के जयकारे लगाते हुए भक्तों ने पहाड़ पर विराजीं मां विंध्यावासिनी
के दर्शन किए। देवी पुराण, दुर्गा सप्तशती का पाठ चलता रहा।
अतर्रा
में चौक बाजार, नरैनी रोड, सोनारी गली, बजरंग नगर, बांदा रोड, बदौसा रोड,
स्टेशन रोड, बिसंडा रोड सहित दो दर्जन से ज्यादा देवी पंडालों में
रंगबिरंगी रोशनी आकर्षक का केंद्र है। पंडालों में कन्या भोज व लंगर चल रहे
हैं। चूड़ी गली स्थित बड़ी माता मंदिर पर भक्तों ने शाम से हलुवा पूड़ी का
प्रसाद छका।
बबेरू में मढ़ीदाई मंदिर में कस्बा व क्षेत्र के गांव
से आए श्रद्धालुओं ने नारियल, बताशा व चुनरी चढ़ाई और माथा टेका। कन्या
भोज के आयोजन हुए। बाकल की चौसठ जोगिनी और बेंदा की कालका देवी मेला में
मन्नत पूरी होने पर बच्चों का मुंडन कराया। कमासिन, रोड, औगासी रोड, अद्भुत
शिव मंदिर, बांदा रोड, नहर पटरी आदि स्थानों पर देवी पंडालों में
दर्शनार्थियों की भीड़ रही।
नरैनी, बदौसा, मटौंध, खप्टिहाकलां,
तिंदवारी, कमासिन, पैलानी, जसपुरा, बड़ोखर बुजुर्ग, क्षेत्र में भी दुर्गा
महोत्सव का उत्साह भक्तों में देखने को मिला।