कांशीराम कालोनी में प्रशासन के आदेश की आड़ में गरीबों से की जा रही वसूली से भड़की महिलाओं ने बुधवार को जमकर हंगामा किया। डूडा दफ्तर में करीब दो सौ महिलाओं का हुजूम आया और नारेबाजी शुरू कर दी। माहौल बिगड़ते देख डूडा के कर्मी जान बचाकर भाग निकले। कुछ देर इंतजार करने के बाद महिलाएं मंडलायुक्त दफ्तर पहुंची और अवैध वसूली करने वाले डूडा के बाबू पर कार्रवाई की मांग की।
जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष सीमा खान की अगुवाई में महिलाओं ने मंडलायुक्त को दिए ज्ञापन में कहा कि वैधानिक तरीके से 5 साल से कालोनियों में रह रहे हैं, लेकिन डूडा दफ्तर का बाबू उन्हें परेशान कर रहा है। कालोनीवासियों से 10-10 हजार रुपये मांगे जा रहे हैं।
कई लोगों ने दे दिया है। उन्हें छोड़ दिया गया है। जो लोग रुपये नहीं दे पा रहे हैं, उनके दरवाजों पर नोटिस चस्पा कर तीन दिन में खाली करने की चेतावनी दी गई है। तमाम ऐसे लाभार्थी हैं जो मर चुके हैं उनके आश्रित रह रहे हैं। उन्हें भी चेतावनी दी गई है।
बाबू के खिलाफ जांच व कार्रवाई करने तथा गरीबों को न उजाड़े जाने की मांग की। कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। आशमा, जाहिदा खातून, नाजो, नाजमिन, लक्ष्मी, नूरजहां, शबीना, भूरी, शफीना, असगरी, रज्जू, अफरोज जिनत, साबरा शाहजहां इत्यादि महिलाएं शामिल रहीं।
मंसूरी समाज ने डीएम को सौंपा ज्ञापन
आल इंडिया जमिअतुल मंसूर अलाइंस (मंसूरी समाज समिति) ने बुधवार को जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कांशीराम के बाशिंदों का शोषण रोकने की मांग की।
अध्यक्ष शेख मंसूरी की अगुवाई में कार्यकर्ताओं ने कहा कि विकलांग व गरीब असहायों से कालोनी खाली न कराने का भरोसा दिया गया था, जिसे नजरअंदाज किया जा रहा है। इस दौरान गौरीशंकर, शमीम बेगम, वैहदानी, सरोज गुप्ता, अफरोज, जाहिदा खातून, रुकसाना, वसीम, पुष्पा, रानो, सईदा, रईस इत्यादि मौजूद रहे।