मामा-भांजी के शवों के पास खड़े शोकग्रस्त परिजन
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कालिंजर (बांदा)। शादी समारोह में आए दुल्हन की चचेरी बहन और दुल्हन के मामा की दुर्ग के तालाब में डूबने से मौत हो गई। दुल्हन की डोली उठने के दूसरे ही दिन घर से दो जनाजे उठे। एक दिन पूर्व जिस घर मेें शहनाई गूंज रही थी, वहीं से विलाप के क्रंदन स्वर सुनाई पड़े।
कस्बे के रहमत उल्ला की पुत्री रफीकुन निशां की शुक्रवार (पांच अगस्त) को शादी थी। घर खानदानियों और मेहमानों से भरा था। शुक्रवार की शाम ही दुल्हन विदा हो गई। काफी मेहमान चले गए। दुल्हन के चाचा अली बक्श के भाई असगर का साला राजा (25) सतना (एमपी) से आया था।
शनिवार को सुबह राजा और दुल्हन की चचेरी बहन रोजी (18) पुत्री अली बक्श किला घूमने गए। उनके साथ घर की कुछ अन्य महिलाएं भी थीं। सुबह करीब 10 बजे राजा और रोजी दुर्ग में स्थित पानी से लबालब कोटि तीर्थ तालाब में नहाने लगे। इसी बीच रोजी फिसल कर गहरे पानी में चली गई।
उसे बचाने के लिए राजा भी कूद पड़ा, लेकिन दोनों डूब गए। तालाब के नजदीक खड़ी अन्य महिलाओं के शोर मचाने पर दुर्ग में रहने वाले पुरातत्व विभाग के कर्मचारी आ गए। दोनों को जब तक पानी से निकाला गया, मौत हो चुकी थी।
एक साथ दो मौतों से शादी की खुुशियां मातम में बदल गईं। दोनों के शवों को घर ले आया गया। परिजनों की मंशा और अनुरोध पर पोस्टमार्टम किए बिना पुलिस ने पंचनामे के आधार पर दोनों शव अंतिम संस्कार के लिए घर वालों को सौंप दिए।
रोजी को यहां के कब्रिस्तान में दफनाया गया। उसके मामा राजा का शव उसके घर वाले अपने गृह जनपद सतना (मध्य प्रदेश) ले गए। अंतिम संस्कार वहीं होगा। मृतक रोजी राजकीय बालिका इंटर कालेज में इंटर की छात्रा थी। अपने पिता की इकलौती बेटी थी। उधर, राजा दो भाइयों में बड़ा था। पिता की पहले ही मौत हो चुकी है।