डा. नंदलाल
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बांदा। पंडित जेएन डिग्री कालेज प्राचार्य डॉ. एनएल शुक्ला को शासन ने उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक अनुशासन एवं अपील नियमावली के अंतर्गत दो वेतन वृद्धि रोकने और प्राचार्य पद से अवनति करने का निर्देश दिया है।
क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी (झांसी/चित्रकूट मंडल) डॉ. संध्या रानी ने महाविद्यालय प्रशासक को भेजे पत्र में कहा है कि प्राचार्य पर अवैध नियुक्तियां और नियम विरुद्ध वसूली के आरोप हैं। उच्च शिक्षा अधिकारी ने कहा है कि महाविद्यालय में कार्यरत प्राध्यापकों की वरिष्ठ सूची के अनुसार प्राचार्य पद का कार्यभार देने की कार्रवाई तत्काल सुनिश्चित करें।
उधर, इस बारे में महाविद्यालय प्रशासक/एडीएम गंगाराम गुप्ता ने बताया कि महाविद्यालय से वरिष्ठता सूची मांगी गई है। इसे शासन को भेजा जाएगा। उधर, प्राचार्य डॉ. शुक्ल ने कहा कि फिलहाल वे अवकाश पर हैं। उन्हें कोई ऐसा आदेश नहीं मिला है।
उन्होंने कहा कि रही बात अवैध नियुक्तियों के आरोप की तो उन्होंने नियुक्ति नहीं की। अभ्यर्थियों का चयन कर शासन और क्षेत्रीय शिक्षा अधिकारी को अनुमोदन के लिए भेजा था, लेकिन अनुमोदन नहीं हुआ। इसे निरस्त कर दिया गया। हाईकोर्ट ने इन नियुक्तियों को वैध ठहराया और क्षेत्रीय अधिकारी को अनुमोदन का आदेश दिया।
आदेश का पालन न करने पर अवमानना की भी कार्रवाई हुई। इस पर नियुक्ति पत्र जारी कर दिए। प्राचार्य ने कहा कि कर्मचारी दो माह से सेवा कर रहे हैं और शासन उन्हें वेतन दे रहा है। उधर, सपा नेता सुशील त्रिवेदी ने बताया कि उन्होंने अवैध नियुक्तियों और अवैध वसूली की शिकायत मुख्यमंत्री से की थी। मुख्यमंत्री ने जांच के आदेश दिए थे। उसी पर यह कार्रवाई हुई है। देर से सही पर छात्रों को न्याय मिला।