JE brought from prison along with other detainees
- फोटो : BANDA
बांदा। अभियुक्त अवर अभियंता रामभवन को जिला जेल से सुबह करीब साढ़े 10 बजे करीब दो दर्जन अन्य बंदियों के साथ पुलिस अपने वाहन पर लेकर अदालत आई। अदालत परिसर में पहले से ही बड़ी तादाद में पुलिस तैनात थी। अभियुक्तों का वाहन आते ही पुलिस ने चारों ओर से घेर लिया।
इनमें अवर अभियंता को पुलिस ने अलग से अपने घेरे में उतारा। वह पूरी तरह से चादर से ढका हुआ था। अदालत कक्ष के कटघरे में भी उसे ढके रखा गया। चारों ओर पुलिस लगी रही। अन्य लोगों का अदालत में आना-जाना रोक दिया गया। सिर्फ अधिवक्ताओं को ही प्रवेश मिला।
आरोपी अवर अभियंता को लेकर आई सीबीआई टीम की कमान उपाधीक्षक अमित कुमार संभाले रहे। करीब छह वाहनों में सीबीआई के सदस्य अदालत आए। सीधे न्यायालय कक्ष में दाखिल हो गए वहां अपनी अटैची से कागजात निकाले और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं से बातचीत की।
करीब साढ़े 11 बजे अभिलेखों के साथ कस्टडी रिमांड की अर्जी न्यायाधीश मोहम्मद रिजवान अहमद को पेश की। सीबाईआई टीम के सदस्यों ने मीडिया से दूरी बनाई रखी। सीबीआई टीम में एक महिला सदस्य भी थीं।
आरोपी जेई की अदालत में पेशी के समय उसकी पत्नी भी मौजूद थी। मीडिया कर्मियों और फोटोग्राफरों ने उसकी फोटो लेनी चाही तो घबराकर भागी और अपने अधिवक्ताओं के पास जा खड़ी हुई।
उधर, कवरेज के लिए गए मीडिया कर्मियों से सीबीआई टीम की नोकझोंक भी हुई। शाम करीब साढ़े 4 बजे तक न्यायालय परिसर में यही नजारा रहा। अदालत की कार्रवाई खत्म होने के बाद अभियुक्त जेई को जेल भेज दिया गया।