स्वास्थ्य व्यवस्था की जवाबदेही और मीडिया की भूमिका विषय पर आयोजित कार्यशाला में गोरखपुर से आए विशेषज्ञ मनोज कुमार ने बताया कि जननी सुरक्षा कार्यक्रम में परिवहन सुविधाओं से लेकर प्रसव और बाद में होने वाले सभी खर्चों को कम करने की व्यवस्था की गई है।
शुक्रवार को यहां एक होटल में आयोजित कार्यशाला में उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं पर होने वाले खर्च के कारण से ही भारत में करीब चार करोड़ लोग गरीबी रेखा के नीचे जा रहे हैं।
डा.शिशिरचंद्र (सहयोग, लखनऊ) ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में अव्यवस्थाएं रोकने के लिए लोग लगातार शिकायतें दर्ज करवाएं।
समर्थ फाउंडेशन के देवेंद्र गांधी ने कहा कि मीडिया की सक्रियता और स्वास्थ्य सेवाओं के प्रचार-प्रसार की जरूरत है। कार्यशाला में समर्पण समिति की संतो रानी, दिशा (बिसंडा) के बुद्धविलास, ज्ञानेश्वर प्रसाद सहित रामगोपाल, सीमा खान आदि शामिल रहे। ब्यूरो