रोगी महिला का स्वास्थ्य परीक्षण करते डॉ. रामचंद्र। संवाद
बांदा। अतर्रा के कृष्णा नगर आयुष्मान मंदिर में रविवार को बिना डॉक्टर के ही जन आरोग्य मेले का आयोजन हुआ। यहां पर स्टाफ कर्मचारियों ने अपने अनुभव के अनुसार मरीजों की जांच व उपचार किया। मेले में आने वाले बीपी के मरीजों को भी वापस होना पड़ा, क्योंकि यहां पर मशीन भी खराब पड़ी थी। जबकि अन्य अस्पतालों में मेले की स्थिति सामान्य रही।
अतर्रा संवाद के अनुसार कस्बे के कृष्णा नगर स्थित शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर में जन आरोग्य मेला हुआ। यहां पर अस्पताल स्टाफ के कर्मचारी भीष्मदेव और जितेंद्र मिश्रा शामिल रहे। स्टाफ ने बताया कि यहां तैनात डॉक्टर संगम शुक्ला ने अप्रैल में त्याग पत्र दिया था। तब से यहां पर किसी डॉक्टर की तैनाती नहीं हुई है। डॉक्टर, स्टाफ नर्स फार्मासिस्ट और लैब टेक्नीशियन के पद खाली हैं। बीपी मशीन खराब है, जिससे कुछ दिक्कत है। शुगर के दो मरीजों की जांच हुई है।
उपचार के लिए पहुंचे मोहल्ला शास्त्री नगर निवासी वैभव ने बताया कि बीपी चेक कराने व उपचार के लिए आए थे, लेकिन बिना डॉक्टर के उपचार कैसे करवाएं। यहां तो बीपी की मशीन भी तीन माह से खराब पड़ी हुई है। नरैनी संवाद के अनुसार प्राथमिक स्वास्थ्य करतल में बुखार, सर्दी-खांसी, त्वचा रोग एवं अन्य सामान्य बीमारियों के 17 मरीज पहुंचे। अधीक्षक डॉक्टर विकास यादव व अन्य मौजूद रहे। तिंदवारी संवाद के अनुसार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तिंदवारी में 35 इमरजेंसी व 15 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण और उपचार किया गया।
जसपुरा में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गड़रिया, सिंधनकला और चंदवारा में मेले का आयोजन हुआ। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गड़रिया में 31, सिंधनकला में 46 तथा चंदवारा में 29 मरीजों ने स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लिया। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चंदवारा में मेले के दौरान किशोरियों का एचपीवी टीकाकरण भी किया गया। एएनएम संपत्ति देवी ने टीकाकरण किया, जबकि आशा कार्यकर्ता सावित्री देवी ने सहयोग किया।