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बर्ड फ्लू का आइसोलेशन वार्ड बना

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बांदा में जाले में बंद मुर्गे। - फोटो : BANDA
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बांदा। कोरोना संक्रमण काल के बाद पनपना शुरू हुए मुर्गी और अंडा कारोबार में अब बर्ड फ्लू आड़े आ गया है। बीते तीन दिनों के अंदर इस कारोबार का ग्राफ 50 फीसदी से भी ज्यादा नीचे गिरा है।
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सीजन में भारी मात्रा में स्टॉक किए अंडा और मुर्गे के व्यापारियों में हड़कंप है। उधर, शासन से निर्देश आते ही प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, पशु चिकित्सा और वन विभाग ने कई एहतियाती कदम उठाए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने जिला अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड तैयार कर दिया है।
जिला प्रशासन ने सीमावर्ती मध्य प्रदेश से आने वाले चिकन और अंडे पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। पशु चिकित्सा विभाग मुर्गियों के बीट और ब्लड के नमूने ले रहा है। वन विभाग विदेशी और स्थानीय पक्षियों के अड्डों पर 150 वन कर्मी तैनात कर दिए हैं।
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अंडा, चिकन व्यवसायियों में बर्ड फ्लू की दस्तक से हड़कंप मचा है। लाखों रुपये की पूंजी फिर दांव पर लग गई है। बीते तीन दिनों में यह व्यवसाय औंधे मुंह गिरा है। बर्ड फ्लू की दस्तक के पूर्व मुख्यालय सहित पूरे जनपद में प्रतिदिन लगभग 30 क्विंटल मुर्गा मीट बिक रहा था। अब इसका कारोबार सिमटकर 10 क्विंटल से भी नीचे आ गया है।
आने वाले दिनों में इसके और गिरने के आसार हैं। कड़ाके की ठंड में जमकर गर्माया अंडा व्यापार भी ठंडा पड़ गया है। जिले में जहां करीब दो लाख अंडों की रोज खपत थी, वहीं बर्ड फ्लू के खौफ ने इनकी खपत घटाकर 50 से 60 हजार कर दी है।
बर्ड फ्लू के मद्देनजर जिले में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डाक्टर राजीव धीर ने 14 टीमें गठित की हैं। मुख्यालय स्थित पशु चिकित्सालय में कंट्रोल रूम खोला गया है।
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