‘पैगंबरे इस्लाम ने मोहब्बत और अमन का पैगाम दिया। इस्लाम मोहब्बत सिखाता है। नफरत नहीं। कुछ लोग इस्लाम को बदनाम करने के लिए हथकंडे अपनाते हैं।’
यह बात मौलाना मुफ्ती अनफासुल हसन चिश्ती ने सोमवार की रात रबी अव्वल माह के मौके पर ईदगाह रोड (अलीगंज) में आयोजित जश्न-ए-ईद मीलाद जलसे में कही। मौलाना ने कहा कि पेशावर में मासूम बच्चों का कत्ले आम बेहद दर्दनाक और काबिले मजम्मत (निंंदनीय) है।
उन्होंने कहा कि पैगंबर हजरत मोहम्मद ने लड़कियों को उनका हक दिलाया। मौलाना इस्लाम नूरी ने बच्चों को अच्छी तालीम पर जोर दिया। मौलाना आफताब चिश्ती (फफूंद) और मौलाना उस्मान अजहरी व मौलाना अतीउर्रहमान ने नात पढ़ी। कुछ लोगों ने उलमाओं से दीनी सवाल भी पूछे।
बांदा शहर के अलावा पड़ोसी जिलों के भी कई लोग शरीक रहे। वेबसाइट पर भी जलसा दर्शाया गया। शुरुआत मौलाना हामिद रजा ने तिलावत से की। खुद्दामे मुस्तफा द्वारा आयोजित जलसे में मौलाना मुमताज रब्बानी, अध्यक्ष खालिद हुसैन, इमत्याज, इरशाद, वकार, आसिफ मतीन, अरशद, इमरान, अंसार, एजाज आदि शामिल रहे।