इस्लाहे अकायद और आमाल जलसे में मौलाना मुफ्ती अनफासुल हसन चिश्ती (फफूंद) ने कहा कि अमन और शांति हर मजहब और धर्म का खास सबक है। दहशतगर्दी फैलाने वाले न तो इस्लाम के हमदर्द हैं न इंसान के।
बृहस्पतिवार की रात मर्दन नाका (मुख्तार रहीम बक्श रोड) पर आयोजित जलसे में बड़ी संख्या में लोग शरीक हुए। आधी रात तक नात का सिलसिला चला। हाफिज कारी हामिद रजा ने तिलावत से शुरुआत की। मौलाना आफताब आलम ने नात पढ़ी।
मौलाना गुलाम जिलानी ने इस्लाम और शरीयत के बारे में बताया। मौलाना अनफासुल हसन ने कहा कि सच्चा मुसलमान वही है जिससे किसी को भी नुकसान या तकलीफ न पहुंचे। अपने पड़ोसी का भरपूर ख्याल करे।
उन्होंने कहा कि इस्लाम मोहब्बत का पैगाम देता है। कुछ लोग निजी स्वार्थ के लिए धर्म-मजहब की आड़ में इंसानों के बीच नफरत पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। मौलाना ने तरक्की के लिए तालीम को जरूरी बताया। मौलाना ने कई लोगों के सवालों के जवाब भी दिए।
इस मौके पर अंसार अहमद सिद्दीकी, जुल्फिकार सिद्दीकी, मौलाना उस्मान, मोहम्मद इरशाद, वकार चिश्ती, बादल खां, इमत्याज, इसरार और जलसा आयोग चिश्ती ग्रुप आफ ब्रीफिंग इस्लाम के सदस्य शरीक रहे।