बुंदेलखंड पेज में 19 जनवरी के अंक में प्रकाशित खबर की पीडीएफ।
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बांदा। सरकारी अस्पताल के डाक्टरों द्वारा बाहर की दवाएं लिखने की खबर सुर्खियां बनीं तो अधिकारियों की नींद टूटी। जिला अस्पताल सीएमएस ने डॉक्टरों के साथ बैठक कर बाहर की दवाएं न लिखने की हिदायत दी। साथ ही यह भी कहा कि- मरीज की चाहे जो हालत हो, पर किसी भी दशा में बाहर की दवाएं नहीं लिखेंगे।
गुरुवार को %अमर उजाला’ में जिला अस्पताल के डाक्टरों द्वारा बाहर की दवाएं लिखने की खबर प्रकाशित हुई। प्रमाण के साथ खबर छपने के बाद सीएमएस ने सुध ली और गुरुवार को सभी स्थायी और अस्थायी डॉक्टरों को अपने कक्ष में तलब कर लिया। लगभग आधा घंटे तक उनकी बैठक ली। बाहर से दवाएं लिखने पर कार्रवाई की चेतावनी दी।
सीएमएस डॉ. एसएन मिश्र ने बताया कि डाक्टरों को दो टूक निर्देश दिए हैं कि मरीज का जो हश्र होना हो, पर किसी हाल में बाहर से दवाएं नहीं मंगवाई जाएंगी। मरीज कहे भी, तब भी बाहरी दवाएं नहीं लिखनी हैं। अस्पताल में जो दवाएं उपलब्ध हैं वहीं दी जाएं। चेतावनी दी कि शिकायत मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। संविदा डॉक्टरों की सेवा समाप्त कर दी जाएगी।