इंदिरा आवासों में अंधेरगर्दी और आवंटन में अवैध वसूली के आरोप लगाते हुए स्वयंसेवी चिंगारी संगठन ने कलेक्ट्रेट में बुधवार को प्रदर्शन किया। जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर मामले की जांच न कराए जाने पर 25 फरवरी से कलेक्ट्रेट परिसर मेें ‘डेरा डालो सत्याग्रह’ शुरू करने की चेतावनी दी है।
कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन के बाद सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपे ज्ञापन में ग्रामीणों ने कहा कि अतर्रा ग्रामीण में अनुसूचित जाति के परिवारों के लिए वर्ष 2013-14 में 289 इंदिरा आवासों का आवंटन किया गया है। आरोप लगाया कि आवंटन में लाभार्थियों से 15-15 हजार रुपये वसूले गए हैं। 50 फीसदी से ज्यादा आवास अधूरे हैं।
दो दर्जन से ज्यादा लाभार्थियों और आवासों का कुछ अता-पता नहीं है। तमाम परिवारों ने आवास के पैसे से कर्ज अदा कर दिया और पलायन कर गए। कुछ ऐसे भी हैं जिन्होंने पुराने आवासों को ही नया दिखाकर पैसा हड़प लिया। 10 प्रतिशत से ज्यादा लाभार्थियों के नाम पात्रता सूची में न होने के बावजूद उन्हें आवास मिल गए।
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि वर्ष 2013 में सरकारी कार्यों में गुणवत्ता जांचने के लिए सुप्रीम कोर्ट कमिश्नर कार्यालय द्वारा चलाए जा रहे पायलेट प्रोजेक्ट के दौरान झंडू पुरवा में 27 शौचालयों का निर्माण प्रस्तावित था। 10 हजार रुपये प्रति शौचालय की दर से 2.70 लाख रुपये पंचायत के खाते से निकाल लिए गए लेकिन शौचालय नहीं बने।
ज्ञापन के साथ चिंगारी संगठन सदस्यों ने 71 आवासों की सर्वे रिपोर्ट भी संलग्न की है। इसमें बताया गया है कि आवास किस हालत में है और कितनी अवैध वसूली हुई। ज्ञापन देने वालों में राजाभइया, राकेश, रामेंद्र, श्रीकृष्ण, वीर बहादुर सिंह, राजाराम, ननकी आदि शामिल रहे।