ग्राम प्रधान अब लोहिया और इंदिरा आवासों में लाभार्थियों की किस्त में आड़े नहीं आ सकेंगे। मुख्य विकास अधिकारी ने ग्राम प्रधान की संस्तुति को अनावश्यक बताकर खंड विकास अधिकारियों को अगली किस्त देने के आदेश दिए हैं। कहा कि किस्त के लिए सिर्फ ग्राम पंचायत सचिव की रिपोर्ट ही काफी है। उन्होंने चेतावनी दी है कि किस्त जारी नहीं की गई तो बीडीओ के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य विकास अधिकारी राममणि त्रिपाठी ने बताया कि खंड विकास अधिकारी महुआ ने एक मामले में सूचना दी है कि प्रधान व सचिव ने दूसरी किस्त के लिए विकास खंड कार्यालय में उपभोग प्रमाणपत्र जमा नहीं किया। जब तक लाभार्थियों का आवास छत स्तर पर नहीं पहुंच जाता दूसरी किस्त जारी नहीं की जा सकती।
सीडीओ ने कहा कि इस आख्या से यह स्पष्ट है कि आवासों के लाभार्थियों को दूसरी किस्त के लिए ग्राम प्रधान व सचिव की संस्तुति लेनी पड़ रही है, जबकि प्रधान की संस्तुत जरूरी नहीं है। उन्होंने कहा कि लाभार्थियों से मिल रही शिकायतें भी साबित कर रही हैं कि प्रधान अनावश्यक अड़ंगे डाल रहे हैं।
सीडीओ ने खंड विकास अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि इंदिरा व लोहिया आवासों के लाभार्थियों को सिर्फ ग्राम पंचायत सचिव की रिपोर्ट पर ही किस्त जारी कर दें। छत स्तर पर आवास निर्माण पहुंचने की रिपोर्ट संबंधित ग्राम पंचायत सचिव से प्राप्त कर दूसरी किस्त की संस्तुति जिला ग्राम्य विकास अभिकरण कार्यालय को भेजी जाए।
सीडीओ ने खबरदार किया है कि निरीक्षण में यदि ऐसे लाभार्थी पाए गए, जिनका आवास छत स्तर पर पहुंच चुका है और उन्हें दूसरी किस्त नहीं दी गई तो इसके लिए सीधे बीडीओ जिम्मेदार होंगे। उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।