अस्पताल में इलाज कराने आए मरीज।
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बांदा। बदलते मौसम और बढ़ते तापमान से बुखार और डायरिया लोगों को चपेट में ले रहा है। तीन दिन की छुट्टी के बाद मंगलवार को ओपीडी शुरू हुई तो मरीजों की लाइन लग गई। सबसे ज्यादा भीड़ बाल रोग विभाग और फिजिशियन कक्ष में रही। मरीजों को दिखाने में तकरीबन 30 से 60 मिनट तक लग गए। दवा काउंटर में भी मरीजों की लंबी लाइन लगी रही। जिला अस्पताल में मंगलवार को 1450 मरीजों ने रजिस्ट्रेशन कराया। इनमें तकरीबन 500 मरीज बुखार और डायरिया से ग्रसित होकर पहुंचे।
अप्रैल में बदलता मौसम बच्चों और बड़ों के लिए बीमारी ला रहा है। जिला अस्पताल के आंकड़ों पर गौर करें तो वर्तमान में बुखार और डायरिया चरम पर है। जिला अस्पताल की ओपीडी में तकरीबन 500 मरीज बुखार और डायरिया के आए। तकरीबन 20 से 25 मरीजों प्रतिदिन भर्ती कराने का आंकड़ा है।
जिला अस्पताल की ओपीडी में तैनात फिजिशियन डॉक्टर ह्दयेश पटेल का कहना है कि उनकी प्रतिदिन की ओपीडी 60 से 70 मरीजों की हो रही है। इनमें से ज्यादातर मरीज बुखार और डायरिया से संबंधित रहे। इसी तरह बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आरके गुप्ता ने बताया कि उनकी ओपीडी में 60 से 70 मरीजों की आमद रही। इनमें ज्यादातर मरीज बुखार और डायरिया के थे।
तीन से चार बार लूज मोशन आए तो डॉक्टर को दिखाएं
विशेषज्ञ डॉक्टरों का कहना है कि अप्रैल में दोपहर में गर्म और सुबह शाम मौसम ठंडा होने से बीमारी हो रही है। इस माह खानपान का विशेष ध्यान रखें। दिन में अगर बाहर निकले तो सूती कपड़े से अपने को ढककर निकले। कान और सिर ढककर रखें। फ्रिज का पानी न पीएं। बाहर खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों से परहेज करें। तली भुनी चीजों को न खाएं। शादी सहालग में बासी खाने से परहेज करें। अगर तीन से चार बार लूज मोशन आ रहे हैं तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। घर में ओआरएस का घोल रखे।