बांदा। महानिदेशक अभियोजन ने कहा है कि पांच माह के
अभियान में प्रदेश में 11,007 अपराधियों को सजा दिलाई गई। इनमें आठ को
मृत्युदंड की सजा हुई।
बच्चों के साथ यौन उत्पीड़न (पास्को एक्ट)
में 21 अपराधियों को सजा मिली। आठ को आजीवन कारावास से दंडित किया गया है।
उन्होंने अपराधियों को सजा देने में अच्छी तरह से साक्ष्य देने वाले छह
गवाहों को सम्मानित किया।
सर्किट हाउस में सोमवार को महानिदेशक डा.
सूर्य कुमार ने अधिकारियों, शासकीय अधिवक्ताओं और अभियोजन अधिकारियों के
साथ बैठक कर अदालतों में लंबित मुकदमों और फैसलों की समीक्षा की।
आरोपियों
को सजा दिलाने वाले अभियोजन अधिकारियों व शासकीय अधिवक्ताओं की पीठ
थपथपाई। कहा कि मुल्जिमों को चिह्नित कर सजा दिलाने के लिए नया अभियान शुरू
किया जा रहा है।
इसमें प्रत्येक अभियोजक और शासकीय अधिवक्ता
(फौजदारी) को पांच-पांच मुकदमे त्वरित निस्तारित कराने और आरोपियों को
दंडित कराने का लक्ष्य दिया गया है।
निदेशालय स्तर पर कंट्रोल रूम
स्थापित कर हेल्पलाइन शुरू की है। अभियोजन निदेशालय के टेलीफोन नंबर-
0522-2305780 व सीयूजी नंबर 9454456512 और 9454456900 व 9454456263 पर
पीड़ित वादी अथवा गवाह अपनी समस्या दर्ज करा सकेंगे।
समीक्षा के
बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि जुलाई से नवंबर तक पांच माह
तक चलाए गए अभियान में प्रदेश स्तर पर 11,007 अपराधियों को सजा दिलाई गई।
इनमें 2321 को 10 साल या इससे अधिक की सजा हुई है। आठ को मृत्युदंड की सजा
मिली।
55,818 अभियुक्तों की जमानतें खारिज कराई गईं। इनमें टॉप-10 1869 अपराधी शामिल हैं। बलात्कार के 345 आरोपियों को सजा हुई।
चित्रकूटधाम
मंडल में 325 अपराधियों को 10 साल से कम और 118 को 10 वर्ष से अधिक की सजा
मिली। 779 की जमानतें निरस्त हुईं। बांदा जिले में 10 मामलों में आजीवन
कारावास की सजा दिलाई गई।