बांदा। हाईवे से लेकर शहर की सड़कों तक मंडरा रहे अन्ना पशुओं और उनसे हो रहे सड़क हादसों पर डीएम आनंद कुमार सिंह ने कड़ा रुख अपनाते हुए जिले के सभी एसडीएम और बीडीओ को हाईवे पर रात में पेट्रोलिंग करके अन्ना मवेशियों को सात दिन के अंदर गो आश्रय स्थलों में भेजने के निर्देश दिए हैं। थानाध्यक्षों को निर्देश दिया कि गो पालकों को लिखित चेतावनी देकर अन्ना मवेशी छोड़ने वालों पर एफआईआर दर्ज करें।
गुरुवार को जारी आदेश में डीएम ने कहा है कि अन्ना गोवंश से आए दिन सड़क हादसे हो रहे हैं। कानून व्यवस्था और शांतिभंग होने का भी खतरा है। इस बारे में पहले भी एसडीएम और बीडीओ को निर्देश जारी किए जा चुके हैं। डीएम ने खेद जताया है कि इसका अनुपालन नहीं हुआ। ढिलाई बरती जा रही है।
डीएम ने सभी एसडीएम और बीडीओ को निर्देश दिए कि अपने क्षेत्रों में रात में पेट्रोलिंग करके नेशनल हाईवे-35 सहित मुख्य एवं लिंक मार्गों पर घूम रहे अन्ना मवेशियों को नजदीकी आश्रय स्थल में सात दिन के अंदर संरक्षित करके प्रमाण के रूप में पूर्व व मौजूदा स्थिति के फोटोग्राफ सीडीओ को उपलब्ध कराएं।
डीएम ने मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिया है कि गोवंश आश्रय स्थलों में गोवंशों की शत-प्रतिशत टैगिंग और नर गोवंशों का बधियाकरण कराने के साथ ही उनका नियमित स्वास्थ्य परीक्षण सुनिश्चित कराएं। थानाध्यक्षों को निर्देश दिया है कि गो पालकों को यह चेतावनी जारी करें कि अपने गोवंश बांधकर रखें।
छुट्टा छोड़ने या गोशालाओं में रखने के लिए दबाव बनाने पर उनके विरुद्ध एफआईआर दर्ज की जाए। डीएम ने इन सभी आदेशों के पालन की समीक्षा के लिए सीडीओ को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। चेतावनी दी है कि इन आदेशों के अनुपालन में ढिलाई को गंभीरता से लिया जाएगा।