त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में बूथों पर अब और भीड़ होगी। निर्वाचन आयोग ने हरेक बूथ पर संबंध मतदाताओं की संख्या बढ़ाकर 1200 कर दी है। अब तक यह संख्या 800 थी। उधर, आरक्षण घोषित होने के ऐन मौके पर शासन द्वारा दो दिन और बढ़ा दिए जाने से आरक्षण की जानकारी को बेताब चुनावी दावेदारों को मायूसी हाथ लगी। निर्वाचन कार्यालय में मतदाता सूचियों के दुरुस्त करने का काम अंतिम चरण में है। जिले में ग्रामीण क्षेत्रों मेें कुल 11 लाख 20 हजार 422 मतदाता हैं।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तैयारियां जोरों पर हैं। मतदाता सूची प्रकाशन का काम तो तेजी से चल रहा है। मतदान स्थलों व बूथों की व्यवस्था भी शुरू हो गई है। पिछले चुनाव की अपेक्षा अबकी बूथों की संख्या कम होगी। सहायक निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) योगेश कुमार ने बताया कि पिछले चुनाव के दौरान 896 मतदान स्थल और 1787 बूथ बने थे।
800 मतदाताओं पर एक बूथ बनाया गया था। अब नए निर्देशों के मुताबिक 1200 मतदाताओं पर एक बूथ बनाने की तैयारी है। जिलाधिकारी जरूरत के मुताबिक इस बारे में कार्रवाई करेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में 10 लाख 50 हजार 782 मतदाता थे।
अबकी 11 लाख 20 हजार 422 मतदाता हैं। 471 ग्राम पंचायतों में 2,21,005 नए मतदाता जोड़े गए और 1,32,465 नाम सूची से खारिज किए गए हैं। 31,814 नामों का संशोधन हुआ। पूरे ब्योरे के साथ मतदाताओं के नाम कंप्यूटर पर फीड किया जा रहा है। दावा-आपत्ति के बाद मतदाता सूची फीडिंग का काम अंतिम चरण में हैं। 5 सितंबर को इसका प्रकाशन हो जाएगा।